पश्चिम बंगाल में राजनीति हिंसा को लेकर गृहमंत्रालय की एक रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। केवल 2019 की बात करें तो वहां रोजाना औसतन पांच राजनीतिक हिंसा की वारदात हो रही हैं। 2016 में राजनीतिक हिंसा से जुड़े 509 मामले सामने आए थे। इसके बाद 2018 तक 1035 राजनीतिक हिंसा की घटनाएं देखने को मिली। तीन साल में अभी तक 2300 से अधिक हिंसात्मक घटनाएं हो चुकी हैं। इतना ही नहीं, इन राजनीतिक हिंसाओं में 2016 के दौरान 36 लोगों की जान चली गई थी। 2018 में 96 लोग मारे गए थे, जबकि इस साल 26 लोगों के मारे जाने की खबर है।
गृह मंत्रालन ने एक बार फिर राजनीतिक हिंसा में होने वाली हत्याओं को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार को एडवाइजरी जारी कर दी है। इसमें चिंता जताई गई है कि वहां पर राजनीतिक हिंसा लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार को ऐसी घटनाओं पर सख्ताई से रोक लगानी चाहिए।
ये घटनाएं बताती हैं कि राज्य में कानून व्यवस्था चौपट हो गई है। जिन लोगों पर लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखने की जिम्मेदारी है, वे अपनी ड्यूटी पूरी करने में फेल हो गए हैं। लोगों के हितों को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को ऐसे मामलों की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।