भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से रेपो और रिवर्स रेपो दरों में चौथाई फीसदी बढ़ोतरी करने के अगले ही दिन बैंकों ने भी कर्ज की ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। इसके साथ ही मकान, वाहन और कारोबार के लिए कर्ज लेने वालों की मासिक किस्त (ईएमआई) भी बढ़ जाएगी। भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक ने केंद्रीय बैंक से कर्ज लेने की ब्याज दर (रेपो दर) में वृद्धि के साथ ही अपनी फंड आधारित कर्ज दर की मार्जिनल लागत (एमसीएलआर) बढ़ा दी है।
केंद्रीय बैंक ने बुधवार को अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति में साढ़े चार साल के बाद पहली बार रेपो और रिवर्स रेपो दरों में 25 बेसिक प्वाइंट की वृद्धि की घोषणा की थी। बड़े बैंकों के एलान के बाद इंडियन बैंक ने भी स्टॉक एक्सचेंज को 3 महीने से लेकर 5 साल की अवधि वाले कर्ज पर 10 बेसिक प्वाइंट एमसीएलआर बढ़ाने की सूचना दी है। इसी तरह करूर वैश्य बैंक ने भी छह महीने से एक साल की अवधि वाले कर्ज पर 10 बेसिक प्वाइंट एमसीएलआर बढ़ाने की घोषणा की है।