ओडिशा के प्रसिद्ध साहित्याकर, कोशकार और अनुवादक सुभेंदु मुंड का शुक्रवार को निधन हो गया।
उन्होंने 1973 में अंग्रेजी प्रोफेसर के तौर पर अपना करियर शुरू किया था। ओडिया साहित्य को बढ़ाने में उनका बड़ा योगदान रहा।
ओडिशा के प्रसिद्ध साहित्याकर, कोशकार और अनुवादक सुभेंदु मुंड का निधन हो गया। 70 साल की उम्र में उन्होंने अस्पताल में आखिरी सांस ली। उनके निधन पर राज्य के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री समेत अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
विज्ञापन
शुक्रवार की दोपहर उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की।आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उनका निधन हो गया। डॉक्टरों ने कहा कि घर से अस्पताल लाते वक्त उन्हें कई बार हार्ट अटैक हुआ जिससे उनकी मौत हो गई।
सुभेंदु मुंड ने 1973 में अंग्रेजी प्रोफेसर के तौर पर अपना करियर शुरू किया। वह कई साहित्यिक और शैक्षणिक संस्साथों में अपनी सेवाएं देते रहे। उनके कई जनरल भी प्रकाशित हो चुकी हैं। 2009 में बीजेबी ऑटोनॉमस कॉलेज, भुवनेश्वर के प्रिंसिपल के पद से रिटायर्ड हुए। सुवेंदु मुंड के परिवार में पत्नी प्रणति, दो बेटे और एक बेटी हैं।