महाराष्ट्र के स्कूलों की हिस्ट्री बुक्स से मुगल और मुस्लिम समुदाय से जुड़ा इतिहास हटाए जाने पर विपक्ष फडण्नवीस सरकार से खासा नाराज है। विपक्ष का कहना है कि फडण्नवीस सरकार ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के एजेंडे के चलते ये फैसला लिया है।
विपक्ष की नाराजगी उस वक्त सामने आई है, जब राज्य शिक्षा बोर्ड ने किताबों को दोबारा रिवाइज्ड किया और उसमें सिर्फ छत्रपत्ति शिवाजी से जुड़ा इतिहास रखा है। विपक्ष का आरोप है कि किताबों में से रजिया सुल्तान और मोहम्मद बिन तुगलक से जुड़ा इतिहास हटा दिया गया है।
एनसीपी नेता नवाब मलिक का कहना है कि बीजेपी अपने इन कोशिशों के जरिए इतिहास बदलना चाहती है, लेकिन किताबों में इतिहास हटा देने से वो बदल नहीं जाएगा। मलिक ने कहा कि अब गूगल का जमाना है, इसलिए इन बदलावों से खासा असर नहीं पड़ेगा।
वहीं हिस्ट्री सबजेक्ट कमेटी के चेयरमेन सदानंद मोर ने कहा कि ये फैसला महाराष्ट्र के शैक्षिक स्तर को ध्यान में रखकर लिया गया है। मोर ने कहा कि नई किताबों में महाराष्ट्र साम्राज्य, छत्रपत्ति शिवाजी महाराज और मराठा पावर का इतिहास रखा गया है।