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हैदराबाद में भगवान राम की प्रतिमा हटाने पर विवाद: भाजपा और विहिप भड़की, कांग्रेस को घेरा; क्या चेतावनी दी?

Sat, 24 Oct 2026 11:08 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, हैदराबाद।

सार

हैदराबाद में दशहरे के दौरान देवी कनक दुर्गा मंदिर में भगवान राम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के बाद उसे हटाए जाने से विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा और विहिप ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। पूरा मामला क्या है, विहिप ने क्या चेतावनी दी? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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भगवान राम की प्रतिमा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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हैदराबाद में शनिवार को एक मंदिर से भगवान राम की बड़ी प्रतिमा हटाए जाने पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस कदम को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा।
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दशहरे के दौरान बशीरबाग स्थित देवी कनक दुर्गा मंदिर में इस प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। उस समय विहिप के नेताओं ने घोषणा की थी कि इस इलाके को बशीरबाग नहीं, बल्कि श्रीराम चौक के नाम से जाना जाएगा।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शनिवार को मंदिर की प्रबंधन समिति ने प्रतिमा हटा दी। सूत्रों ने बताया कि दशहरे का उत्सव समाप्त होने के बाद प्रतिमा को हटाना एक सामान्य प्रक्रिया है।
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भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर क्या कहा?
तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन रामचंदर राव ने कहा कि लोग प्रतिमा हटाने के मामले में न तो कांग्रेस सरकार को भूलेंगे और न ही माफ करेंगे।

उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस सरकार ने भगवान राम की प्रतिमा हटाने की कोशिश की है। वर्ष 1949 में अयोध्या में रामलला की प्रतिमा प्रकट होने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार पर उसे हटाने का दबाव बनाया था। आज उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का सफाया हो चुका है। उन्होंने कहा, बशीरबाग में प्रतिमा हटाए जाने के बाद तेलंगाना में भी कांग्रेस का यही हाल होगा।
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विहिप ने क्या घोषणा की?
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविनुथला शशिधर ने कहा कि भविष्य में मंदिर में 108 फुट ऊंची प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।  उन्होंने यह भी कहा कि वह दिन दूर नहीं है, जब हैदराबाद समेत राज्य के कई शहरों को उनके पुराने नाम वापस मिल जाएंगे।
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