पांच राज्यों में चुनाव चल रहे हैं। राजनीतिक दल चुनाव जीतने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। वह सत्ता पाने के लिए जाति और धर्म तक का भी सहारा ले रहे हैं। नेता अपने क्षेत्रों में वोटरों को लुभाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या राजनीति में धर्म और जाति का सहारा लिया जाना चाहिए?'
पोल के जवाब में हमें कुल 4,241 वोट मिले। इनमें 15 फीसदी (636 वोट) पाठकों ने माना कि हां राजनीति में धर्म और जाति का सहारा लिया जाना चाहिए, जबकि 85 फीसदी (3,605 वोट) पाठकों ने माना कि राजनीति में धर्म और जाति का सहारा नहीं लिया जाना चाहिए।