रैली को संबोधित करते जेपी नड्डा
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कोलकाता हाईकोर्ट ने गुरुवार को भाजपा को बड़ी राहत दे दी। हाईकोर्ट ने पार्टी द्वारा निकाली जा रही रथयात्रा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने बीजेपी की रथयात्रा पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि यह एक राजनीतिक याचिका है न कि जनहित याचिका। राजनीतिक मामलों पर वह फैसला नहीं सुना सकती। इस फैसले से ममता सरकार को झटका लगा है, वह रथयात्रा का विरोध कर रही थी।
बता दें, ममता बनर्जी नीत पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार ने भाजपा को रथयात्रा निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। छह फरवरी को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राज्य के नादिया जिले में रथयात्रा को हरी झंडी दिखाई ,जबकि गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कूचबिहार में रथयात्रा को रवाना किया।
कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में सरकार ने कहा था कि इस रथ यात्रा से पश्चिम बंगाल में कोविड-19 की स्थिति और कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इससे पहले 9 फरवरी को इस याचिका पर सुनवाई स्थगित हो गई थी। भाजपा राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले रथयात्रा निकाल रही है। पांच खंडों में यह यात्रा निकाली जा रही है, जो सभी विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी। कोलकाता हाईकोर्ट में भाजपा की इस रथ यात्रा के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि भाजपा की प्रस्तावित रथ यात्रा से प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति और कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी पार्टियां लोगों को अपनी तरफ करने की तैयारियों में जुटी हुई हैं।