'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत ने जब पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों और एयरबेस पर स्ट्राइक की तो सुरक्षा कारणों के चलते केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं। जो भी जवान और अधिकारी, छुट्टी पर थे, उन्हें वापस बुलाने का आदेश जारी किया गया था। सात मई को जारी आदेश की वजह से सभी केंद्रीय बलों के जवान/अधिकारी, छुट्टी से वापस डयूटी पर लौट आए थे। अब सीआरपीएफ ने छुट्टियां रद्द होने के आदेश को वापस ले लिया है। जवानों और अधिकारियों को पहले की भाँति नियमानुसार छुट्टियाँ मिल सकेंगी।
बता दें कि पिछले माह हुए पहलगाम हमले के बाद भारत ने सात मई को पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इसके बाद पाकिस्तान के कई दूसरे ठिकाने भी भारतीय वायुसेना के निशाने पर आ गए थे। दोनों मुल्कों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए केंद्रीय बलों की अतिरिक्त कंपनियों को जम्मू-कश्मीर में तैनात किया गया था। दस मई को दोनों देशों के बीच सीज फायर हो गया था।
इसके चलते केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं। छुट्टी पर गए जवानों और अधिकारियों ने तुरंत प्रभाव से डयूटी जॉइन कर ली थी। कई जवान ऐसे भी थे, जिनकी छुट्टी शुरू ही हुई थी कि एकाएक उक्त आदेश आ गया। गुरुवार को सीआरपीएफ ने सभी सेक्टरों/यूनिटों, ट्रेनिंग सेंटर और बल की दूसरी इकाइयों के लिए यह आदेश जारी किया है कि अब सात मई का आदेश त्वरित प्रभाव से वापस लिया जाता है। यानी अब पहले की तरह जवान और अधिकारी, नियमों के मुताबिक, तय छुट्टियाँ ले सकेंगे।
साथ ही 'सीआरपीएफ' में ऑपरेशन सिंदूर के चलते ट्रांसफर आदेशों को भी रोक दिया गया था। ऐसे अधिकारी और कर्मचारी, जो सात मई तक रिलीव नहीं हुए थे, उन्हें आगामी आदेशों तक अपने पहले वाले स्थान पर ही रहने के आदेश जारी किए गए थे। इस आदेश में कहा गया था कि देश के मौजूदा सुरक्षा परिद्रश्य में यह निर्णय लिया गया है कि जो जिस स्टेशन पर भी तैनात है, उसे वहीं पर रखा जाए। पाकिस्तान के साथ जारी तनाव में किसी भी वक्त जवानों की मूवमेंट हो सकती है। अब ट्रांसफर प्रक्रिया भी पहले की भांति जारी रहेगी।