फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिलायंस रिटेल पर फिर एफडीए की कार्रवाई: ब्लिंकिट से जुड़े वेयरहाउस का लाइसेंस निलंबित; दावा- चूहे-कॉकरोच मिले

Sun, 18 Oct 2026 10:11 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र एफडीए ने रिलायंस रिटेल के चाकन वेयरहाउस और ब्लिंकिट से जुड़ी निगोजे सुविधा के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। जांच में चूहों, कॉकरोच, गलत भंडारण और एक्सपायर खाद्य उत्पादों के निपटान का प्रमाणित रिकॉर्ड नहीं मिलने की बात कही गई। दूसरी कार्रवाई में पांच वेयरहाउस के लाइसेंस निलंबित हुए और 8,392 किलोग्राम स्टॉक जब्त किया गया। आखिर खाद्य उत्पादों की सुरक्षा में इतनी खामियां कैसे मिलीं? आइए, विस्तार से पूरे मामले को जानते हैं....
 
विज्ञापन
ब्लिंकिट से जुड़ी सुविधा में खाद्य सुरक्षा की कौन-सी खामियां मिलीं? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर रिलायंस रिटेल और ब्लिंकिट से जुड़ी वेयरहाउस सुविधाओं पर कार्रवाई की गई है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने लगातार दूसरे दिन कार्रवाई करते हुए पुणे जिले के चाकन में रिलायंस रिटेल के वेयरहाउस और निगोजे में ब्लिंकिट से जुड़ी लिंकिट कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड की सुविधा के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। जांच में चूहों और कॉकरोच की मौजूदगी, एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पादों को सही तरीके से अलग नहीं रखने और उनके नष्ट किए जाने का प्रमाणित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने जैसी खामियां मिलने की बात कही गई है। दोनों मामलों में एफआईआर भी दर्ज की गई है।

विज्ञापन


रिलायंस रिटेल के चाकन वेयरहाउस में जांच के दौरान क्या मिला?
एफडीए के मुताबिक, 14 अक्टूबर को पुणे जिले के खेड़ तालुका के चाकन स्थित रिलायंस रिटेल लिमिटेड के वेयरहाउस का निरीक्षण किया गया था। जांच में कंपनी एक्सपायर और खराब हो चुके खाद्य उत्पादों को नष्ट करने या उनका निपटान करने से जुड़े संतोषजनक रिकॉर्ड नहीं दिखा सकी। अधिकारियों ने वेयरहाउस में कई जगह चूहों की मौजूदगी पाए जाने की बात कही। एक्सपायर और खराब खाद्य उत्पादों को अलग-अलग रखने के बजाय एक साथ रखा गया था। फर्श की दरारों में कॉकरोच भी मिले और कर्मचारियों को परिसर के अंदर थूकते हुए देखा गया। कंपनी ने कचरा निपटाने वाली एजेंसी के साथ समझौता दिखाया, लेकिन इससे यह प्रमाणित नहीं हुआ कि एक्सपायर खाद्य उत्पाद वास्तव में कहां और कैसे नष्ट किए गए। एफडीए ने 15 अक्टूबर को वेयरहाउस का लाइसेंस निलंबित कर दिया। इस मामले में नॉर्थ महालुंगे एमआईडीसी पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई।

ब्लिंकिट से जुड़ी सुविधा में खाद्य सुरक्षा की कौन-सी खामियां मिलीं?
एफडीए ने 14 अक्टूबर को खेड़ तालुका के निगोजे में लिंकिट कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के वेयरहाउस का भी निरीक्षण किया। यह सुविधा ब्लिंकिट से जुड़ी है। अधिकारियों के मुताबिक, वहां कोल्ड रूम का तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से अधिक था और तापमान बनाए रखने की प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। कच्चे और दूसरे खाद्य उत्पादों को एक साथ रखा गया था। टाटा नमक के 50 किलोग्राम और सूजी के 60 किलोग्राम के पैकेट सीधे फर्श पर रखे मिले। कुछ पैकेट लीक हो रहे थे और कॉकरोच की मौजूदगी भी पाई गई। एफडीए ने बताया कि करीब 600 कर्मचारियों में से केवल पांच के पास खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन (FoSTaC) था। कंपनी ने वाईके ट्रेडर्स के साथ समझौता दिखाया, लेकिन एक्सपायर उत्पादों के निपटान की जगह, तारीख और मात्रा का सत्यापन करने वाला प्रमाण नहीं दिया। इस सुविधा का लाइसेंस भी 15 अक्टूबर को निलंबित किया गया और साउथ महालुंगे एमआईडीसी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज हुई।
विज्ञापन


क्या दूसरी कंपनियों के वेयरहाउस पर भी कार्रवाई हुई?
एफडीए ने 17 अक्टूबर को पुणे और ठाणे जिलों में कई वेयरहाउस के खिलाफ कार्रवाई की थी। अधिकारियों को संदेह था कि एक्सपायर, खराब और अस्वीकृत खाद्य उत्पादों को नष्ट करने के लिए भेजने के बजाय वापस बाजार में पहुंचाया जा रहा था। इस कार्रवाई में भिवंडी के वाडपे स्थित रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और रिलायंस रिटेल से जुड़ी सुविधाओं के साथ अंबरनाथ के उसाटने में जोमैटो हाइपरप्योर से जुड़ी सुविधा भी शामिल थी। दो बिना लाइसेंस वाले प्रतिष्ठानों को कामकाज बंद करने का आदेश दिया गया। एफडीए के मुताबिक, व्यापक कार्रवाई के दौरान पांच वेयरहाउस के लाइसेंस निलंबित किए गए और 8,392 किलोग्राम खाद्य स्टॉक जब्त किया गया। जब्त किए गए सामान की कीमत 48.08 लाख रुपये बताई गई।

एफडीए की कार्रवाई का मुख्य कारण क्या है?
पूरे मामले में मुख्य चिंता एक्सपायर या खराब खाद्य उत्पादों के रखरखाव, उनके निपटान और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर है। अधिकारियों के अनुसार, कंपनियां ऐसे उत्पादों को नष्ट करने का सत्यापन योग्य प्रमाण नहीं दे सकीं। वेयरहाउस में भंडारण, साफ-सफाई और तापमान से जुड़ी खामियां भी सामने आईं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह पुष्टि नहीं की गई है कि जब्त किए गए उत्पादों में से कोई सामान ग्राहकों तक पहुंचा था या किसी उपभोक्ता को नुकसान हुआ था। फिलहाल एफडीए ने संबंधित सुविधाओं के लाइसेंस निलंबित किए हैं और पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। कार्रवाई का केंद्र यह पता लगाना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन हुआ या नहीं और एक्सपायर उत्पादों का निपटान सही तरीके से किया गया था या नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें