नोटबंदी के लागू होने के बाद नियमों लगातार कोई न कोई बदलाव देखने को मिल रहा है। सरकार की ओर से नोट जमा करने और निकालने में अब तक कई बदलाव हो चुके हैं। अब आरबीआई ने पांच हजार से ज्यादा के पुराने नोट जमा कराने के सर्कुलर को वापस ले लिया। इस नए निर्देश के मुताबिक अब लोग पांच हजार से ज्यादा के पुराने नोट कई बार जमा करा सकते हैं।
साथ ही इसके लिए कोई पूछताछ नहीं की जाएगी। सरकार ने बार-बार बदलावों से सवाल उठ रहा है कि मोदी सरकार ने ये फैसला जल्दबाजी में लिया और क्या इसके लिए ढंग से तैयारी नहीं की। इस पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल किया। पोल में सवाल पूछा, 'नोटबंदी: क्या सरकार का बार-बार नियम बदलना होमवर्क में कमी को दर्शाता है?'
पोल में कुल 7,016 पाठकों ने हिस्सा लिया। सबसे अधिक 69.30 फीसदी यानि 4,862 पाठकों ने माना कि बार-बार नियम बदलना नोटबंदी को किए होमवर्क में कमी को दर्शाता है। 28.62 फीसदी यानि 2,008 पाठकों ने माना कि नियम में बदलाव हालात को देखकर ही किए जा रहे हैं। वहीं 2.08 फीसदी यानि 146 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।