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सत्ता परिवर्तन की साजिश?: विपक्ष पर बरसी भाजपा, कहा- मुद्दे बदलते हैं, मकसद नहीं; आंदोलन को बताया रावण का सिर

Wed, 21 Oct 2026 03:34 PM IST
प्रशांत तिवारी एएनआई, नई दिल्ली

सार

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को आरोप लगाया कि कुछ ताकतें भारतीय संस्कृति, समाज और देश की संस्थाओं को निशाना बनाकर सत्ता परिवर्तन की साजिश कर रही हैं। इसलिए वह बार-बार देश की संस्थाओं को निशाना बना रही हैं। 
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सुधांशु त्रिवेदी, भाजपा सांसद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विजयादशमी के मौके पर प्रधानमंत्री के संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि देश में कुछ ऐसी ताकतें सक्रिय हैं, जो अपने फायदे के लिए सत्ता का दुरुपयोग करती हैं, समाज में आपसी फूट डालती हैं और भारतीय संस्कृति व धर्म के प्रति नफरत फैलाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनका मकसद देश को कमजोर करना और भारत की तरक्की में रुकावट डालना है।

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तीन मुद्दों के सहारे देश को कमजोर करने का आरोप
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि इन ताकतों के तीन मुख्य एजेंडे हैं। पहला, अपने फायदे के लिए देश के संसाधनों का इस्तेमाल करना; दूसरा, समाज में बंटवारा पैदा करना; और तीसरा, भारतीय संस्कृति और धर्म के खिलाफ माहौल बनाना। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सनातन धर्म को खत्म करने की बात करते हैं और हिंदुत्व के खिलाफ अभियान चलाते हैं। साथ ही, वे भारतीय संस्थाओं को लेकर गलत जानकारी फैलाते हैं, ताकि लोगों का भरोसा कमजोर हो।
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LIC से लेकर EVM तक उठाए जा रहे सवाल
भाजपा सांसद ने कहा कि इन ताकतों की मांगें लगातार बदलती रहती हैं। कभी LIC में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया जाता है, तो कभी HAL, SBI, SEBI, वैक्सीन, EVM और मतदाता सूची पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उनके मुताबिक, इन मुद्दों के पीछे असली मकसद देश की संस्थाओं पर लोगों का भरोसा कम करना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये ताकतें भारत को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहतीं और इनके सवालों का कोई ठोस आधार नहीं होता।

रावण के दस सिर से की आंदोलनों की तुलना
त्रिवेदी ने इन ताकतों की तुलना रावण से करते हुए कहा कि जिस तरह रावण का एक सिर कटने पर दूसरा सिर निकल आता था, उसी तरह यहां एक मांग पूरी होने पर दूसरी मांग सामने आ जाती है। उन्होंने कहा कि इन सभी आंदोलनों के पीछे एक ऐसा मुख्य केंद्र है, जिसे समझना जरूरी है। उनके अनुसार, इन आंदोलनों में बार-बार एक जैसी भाषा और मिलते-जुलते वाक्यों का इस्तेमाल होता है। इसी आधार पर उन्होंने लोगों से इनके पीछे काम करने वाली ताकतों को पहचानने की अपील की।

साधु के भेष में रावण का उदाहरण देकर किया आगाह
भाजपा सांसद ने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि जब रावण माता सीता का हरण करने आया था, तब उसने अपना असली रूप छिपाकर साधु का भेष धारण किया था। त्रिवेदी के मुताबिक, आज भी कुछ ताकतें इसी तरह अपना असली मकसद छिपाकर काम करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनके सामने दिखाई देने वाले मुद्दे असल मकसद नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे कुछ और ही मंशा है।

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'सत्ता परिवर्तन' की साजिश का लगाया आरोप
त्रिवेदी ने दावा किया कि इन ताकतों का अंतिम लक्ष्य हिंसक टकराव और सोची-समझी साजिश के जरिए देश में सत्ता परिवर्तन कराना है। उन्होंने कहा कि देश के लोगों को ऐसे प्रयासों के पीछे छिपे मकसद को समझना चाहिए और उन ताकतों की पहचान करनी चाहिए, जो उनके अनुसार भारतीय संस्कृति, धर्म और देश की संस्थाओं को कमजोर करने में लगी हैं। हालांकि, ये सभी आरोप सुधांशु त्रिवेदी के अपने दावे हैं।

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