दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए कार विस्फोट की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बड़ा दावा किया है। एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक, इस हमले का कथित मास्टरमाइंड उमर उन नबी था, जो विस्फोट में मारा गया था। जांच एजेंसी ने उसे कथित तौर पर फिर से सक्रिय किए गए अंसार गजवत-उल-हिंद मॉड्यूल का संचालन संभालने वाला व्यक्ति बताया है। अब सवाल है कि आखिर उमर उन नबी ने किस तरह इस कथित आतंकी साजिश को आगे बढ़ाया और लाल किले तक विस्फोटक से भरी कार कैसे पहुंची।
चार्जशीट में नबी के अफगानिस्तान जाने की कथित योजना का भी जिक्र है। एनआईए के अनुसार, वह कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ने के बाद हिजरत के नाम पर अफगानिस्तान जाने की तैयारी कर रहा था। जांच एजेंसी का दावा है कि नबी और मॉड्यूल से जुड़े दूसरे लोगों के पास कट्टरपंथी साहित्य था और उसे आपस में साझा भी किया जाता था। जांच में जिहाद की परिभाषा, जिहाद की जरूरतें, जिहाद के 21 उद्देश्य, जिहाद में सेवा और भागीदारी के 39 तरीके और जिहाद का समर्थन करने के 44 तरीके जैसे दस्तावेजों की जांच की गई। एजेंसी के अनुसार, इन दस्तावेजों में हिंसा और सशस्त्र संघर्ष को सही ठहराने की कोशिश की गई थी तथा गुप्त तरीके से काम करने, पहचान छिपाने और अलग-अलग तरह के हमलों से जुड़ी बातें भी थीं।
एनआईए के मुताबिक, 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास शाम करीब 6 बजकर 50 मिनट पर जिस कार में विस्फोट हुआ, उसे कथित तौर पर वाहन आधारित विस्फोटक उपकरण में बदला गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि नबी और एक सह-आरोपी ने साजिश के तहत सेकंड हैंड कार खरीदी थी। विस्फोट के समय नबी उसी वाहन में मौजूद था। जांच के दौरान घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों की डीएनए जांच से उसकी पहचान की पुष्टि होने का दावा किया गया है। फॉरेंसिक जांच में घटनास्थल से मिले सामान पर टीएटीपी और अमोनियम नाइट्रेट के अवशेष भी पाए गए। एनआईए के अनुसार, फॉरेंसिक सबूतों से संकेत मिला कि वाहन में लगाए गए विस्फोटक को अंदर से एक कमांड तंत्र के जरिए सक्रिय किया गया था।
10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 29 लोग घायल हुए थे। विस्फोट से आसपास की संपत्ति और कई वाहनों को भी काफी नुकसान पहुंचा था।
उमर उन नबी की मौत विस्फोट में ही हो गई थी। इसलिए उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही समाप्त मानी गई है। हालांकि, एनआईए ने अपनी चार्जशीट में उसकी कथित भूमिका और पूरी साजिश का विवरण रखा है। चार्जशीट में लगाए गए आरोप जांच एजेंसी का पक्ष हैं और इन पर अदालत में न्यायिक जांच होगी। यानी एनआईए ने नबी को इस कथित आतंकी साजिश का मास्टरमाइंड और परिचालन प्रभारी बताया है, लेकिन इन आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।