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नीरव मोदी के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी

Mon, 02 Jul 2018 12:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नीरव मोदी
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अनुरोध को मानते हुए इंटरपोल ने पंजाब नेशनल बैंक के घोटाले के आरोपी नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। इंटरपोल द्वारा जारी किए गए नोटिस में अपने सदस्य देशों से कहा गया है कि वह वांछित अपराधी को गिरफ्तार कर लें या हिरासत में ले लें। इस मामले में सीबीआई पहले ही मुंबई की सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

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कहा जा रहा है कि पीएनबी घोटाला देश के किसी बैंक में हुआ अबतक का सबसे बड़ा घोटाला है। चार्जशीट में मेहुल चोकसी, मोदी के भाई निशाल जोकि बेल्जियन नागरिक है और कंपनी के एक एग्जीक्यूटिव सुभाष परब का नाम शामिल है। जांच एजेंसी ने इंटरपोल के द्वारा मोदी, चोकसी और निशाल के खिलाफ 15 फरवरी को डिफ्यूजन नोटिस जारी किया था।

यह नोटिस एक प्रक्रिया है जिसके जरिए किसी भगोड़े की जानकारी को इंटरपोल के सदस्य देशों के साथ साझा की जाती है। डिफ्यूजन नोटिस के जवाब में यूनाइटेड किंगडम ने मोदी और भगोड़ों की गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा की है। सूत्रों ने बताया कि उसका विशिष्ट स्थान अभी भी अज्ञात बना हुआ है।
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क्या आपको मालूम है इंटरपोल का नोटिस क्या होता है और किस तरह काम करता है

बता दें कि विदेश मंत्रालय ने कई यूरोपीय देशों को पत्र लिखकर भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की तलाश में मदद की अपील की थी। साथ ही कहा था कि उसे एक से ज्यादा भारतीय पासपोर्ट जारी नहीं किए गए थे। मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया था कि मंत्रालय ने दुनियाभर में स्थित अपने सभी मिशन को संदेश भेजकर स्थानीय सरकार के संपर्क में रहने को कहा है ताकि मोदी को वहां घुसने से रोका जा सके और यदि वह वहां रह रहा है तो उसकी जानकारी मिल सके।
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कुछ समय पहले खबर आई थी नीरव ब्रिटेन में मौजूद हैं। ब्रिटिश अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सीबीआई और आयकर विभाग मार्च और अप्रैल में यूके सेंट्रल अथॉरिटी को तीन अनुरोध पत्र (एलआर) भेजे थे। यूके सेंट्रल अथॉरिटी ने इन एलआर को गंभीर धोखाधड़ी कार्यालय (एसएफओ) को भेज दिया था। साथ ही एसएफओ से कहा कि ईडी के एलआर पर कार्रवाई की जाए। इसके बाद एसएफओ और ईडी के बीच बातचीत चल रही है।

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