मोदी सरकार द्वारा लाल बत्ती प्रयोग न करने के फैसले के बाद अब केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्री ने अपनी गाड़ियों से लाल बत्ती उतरवाना शुरू कर दिया है। कैबिनेट के फैसला लेने के बाद सबसे पहले नितिन गडकरी ने अपनी गाड़ी से लाल बत्ती को हटवा दिया था।
महेश शर्मा, विजय गोयल की गाड़ियों से हटी लालबत्ती
नितिन गडकरी के बाद अब केंद्रीय मंत्री विजय गोयल और महेश शर्मा ने भी अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटवा दी है। इसके साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस ने भी अपनी गाड़ी से लाल बत्ती को हटा दिया है। इससे पहले यूपी और पंजाब के मुख्यमंत्रियों योगी आदित्यनाथ और कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लाल बत्ती कल्चर को खत्म करने का फैसला किया था। इसके साथ ही यूपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपनी गाड़ी से लालबत्ती हटाने के साथ ही कह दिया है कि अब उनके मंत्री भी गाड़ी से लालबत्ती हटाएंगे।
1 मई से पूरी तरह से लागू होगा फैसला
सरकार ने अपने इस फैसले को 1 मई से लागू करने की मंजूरी दी है लेकिन नीतिन गडकरी ने 1 मई का इंतजार न कर पहले ही गाड़ी से लाल बत्ती को हटा दिया। नीतिन गडकरी ने कहा कि 'अब सिर्फ आपातकालीन वाहनों को ही लाल बत्ती की लगाने की अनुमति होगी, मैंने आज ही अपनी गाड़ी से लाल बत्ती को हटा दिया है।'
मोदी कैबिनेट ने राज्य में लाल बत्ती लगाने का फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ दिया है। हालांकि यह फैसला राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस और लोकसभा स्पीकर पर भी लागू होगा। गौरतलब है कि सरकार ने वीवीआईपी कल्चर को समाप्त करने के लिए ये कदम उठाए हैं।
बता दें कि इस प्रस्ताव पर सड़क परिवहन मंत्रालय काफी लंबे समय काम कर रहा था। वहीं इससे पहले पीएमओ ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए कैबिनेट मीटिंग भी की थी। मामला पिछले डेढ़ साल से पीएमओ में लंबित था।