जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में असम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर देबाशीष भट्टाचार्य की जान कलमा पढ़ने से बच गई। हमले के दौरान उन्होंने भीड़ के साथ कलमा पढ़ा, जिससे आतंकी उन्हें छोड़कर चला गया।
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जैसे-तैसे भाग निकले प्रोफेसर
प्रोफेसर ने आगे बताया कि हमले के बाद जैसे ही स्थिति समान्य दिखने लगी वे अपनी पत्नी और बेटे के साथ किसी तरह बाड़ पार करके वहां से भाग निकले। करीब दो घंटे चलने के बाद उन्हें एक स्थानीय व्यक्ति मिला, जिसने पहलगाम शहर लौटने में मदद की। भट्टाचार्य अभी भी इस हादसे से सदमे में हैं और फिलहाल मीडिया से ज़्यादा बात करने की हालत में नहीं हैं।