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Pahalgam Terror Attack: कलमा पढ़कर बची असम के प्रोफेसर देबाशीष भट्टाचार्य की जान, बोले- जैसे-तैसे भाग निकला

Wed, 23 Apr 2025 08:59 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में असम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर देबाशीष भट्टाचार्य की जान कलमा पढ़ने से बच गई। हमले के दौरान उन्होंने भीड़ के साथ कलमा पढ़ा, जिससे आतंकी उन्हें छोड़कर चला गया।

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पहलगाम आतंकी हमले में बाल-बाल बचे प्रोफेसर देबाशीष भट्टाचार्य - फोटो : aus.ac.in
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में असम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर देबाशीष भट्टाचार्य की जान बाल-बाल बच गई। वे अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गए थे और हमले के वक्त बैसरन मैदान में मौजूद थे, जहां आतंकवादियों ने अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
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कलमा पढ़ने से बची जान
भट्टाचार्य ने बताया कि जब हमला हुआ तो आसपास के लोग जमीन पर बैठकर ‘कलमा’ पढ़ने लगे। जान बचाने के लिए उन्होंने भी वही किया। तभी एक आतंकी उनके पास आया और उनके बगल में बैठे एक शख्स को गोली मार दी। फिर उसने भट्टाचार्य की तरफ देखा और पूछा कि तुम क्या कर रहे हो? प्रोफेसर ने बिना कुछ बोले जोर से कलमा पढ़ना शुरू कर दिया। इसके बाद आतंकी बिना कुछ कहे पलट कर चला गया।

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जैसे-तैसे भाग निकले प्रोफेसर

प्रोफेसर ने आगे बताया कि हमले के बाद जैसे ही स्थिति समान्य दिखने लगी वे अपनी पत्नी और बेटे के साथ किसी तरह बाड़ पार करके वहां से भाग निकले। करीब दो घंटे चलने के बाद उन्हें एक स्थानीय व्यक्ति मिला, जिसने पहलगाम शहर लौटने में मदद की। भट्टाचार्य अभी भी इस हादसे से सदमे में हैं और फिलहाल मीडिया से ज़्यादा बात करने की हालत में नहीं हैं।

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गौरतलब है कि बीते मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बड़ा आतंकी हुआ। इसमें 26 लोग मारे गए, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक थे और कई घायल हुए हैं। असम सरकार ने भट्टाचार्य और उनके परिवार को सुरक्षित घर लाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। साथ ही मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि राज्य सरकार भारत सरकार के संपर्क में है और जल्द ही पूरे परिवार को सुरक्षित असम वापस लाया जाएगा।

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