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तृणमूल में पैसा-पॉलिटिक्स: अब ₹600 करोड़ के फंड पर बागी विधायकों की नजर; अपनों ने ही उठाए 'दीदी' पर सवाल

Fri, 19 Jun 2026 10:51 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, कोलकाता।

सार

तृणमूल कांग्रेस के 10 से अधिक बागी विधायकों ने 600 करोड़ रुपये से अधिक के कथित पार्टी फंड वाले तीन बैंक खातों की साइबर पुलिस से जांच की मांग की है। उन्होंने इस पैसे के पीछे कट-मनी और जबरन वसूली का शक जताया है, जिससे पार्टी की अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। क्या है मामला? जानिए...
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टीएमसी में फिर बवाल - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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तृणमूल कांग्रेस के भीतर की लड़ाई अब सीधे थाने पहुंच गई है। पार्टी के बागी विधायकों ने साइबर क्राइम पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। मामला बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट का है। विधायकों ने पुलिस को शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वे पार्टी से जुड़े कुछ बैंक खातों की विस्तृत जांच चाहते हैं। इस कदम से टीएमसी के भीतर जारी विवाद को एक नया मोड़ मिल गया है। यह पूरा विवाद बैंक लॉकरों में रखे 600 करोड़ रुपये से अधिक के फंड से जुड़ा हुआ है।
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फंड के स्रोत पर गंभीर सवाल
बागी विधायकों ने इन खातों में जमा पैसे के स्रोत और उसके इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ये शिकायतें उन्हीं बैंक खातों से जुड़ी हैं, जो एक निजी बैंक में हैं। पिछले कुछ समय से ये खाते टीएमसी के भीतर जारी खींचतान के केंद्र में बने हुए हैं। कुछ दिन पहले वरिष्ठ टीएमसी नेता अरूप बिस्वास ने भी इन खातों पर रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने खातों के प्रबंधन और नियंत्रण को लेकर चिंता जताई थी। अब बागी विधायकों ने इस मामले को आपराधिक जांच की मांग तक पहुंचा दिया है। वे लेन-देन के पीछे छिपे पूरे सच को सामने लाना चाहते हैं।

'कट-मनी' और घोटाले का शक
पुलिस को सौंपी गई शिकायत की कॉपी के मुताबिक, विधायकों ने तीन बैंक खातों के लेन-देन की जांच की मांग की है। वे यह पता लगाना चाहते हैं कि यह पैसा वैध स्रोतों से आया है या अवैध गतिविधियों से। विधायकों को शक है कि यह फंड कट-मनी, सरकारी धन की हेराफेरी या किसी घोटाले का हिस्सा हो सकता है। एक शिकायत में कहा गया है कि गलत तरीके से कमाए गए धन को इन खातों में डाला गया हो सकता है। प्रभाव का गलत इस्तेमाल करके और बेईमानी से पैसा जुटाने की आशंका जताई गई है। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल होने का भी अंदेशा है।
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चार्टर्ड फ्लाइट और दिल्ली दौरे पर उठाए सवाल
बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि 10 से ज्यादा विधायकों ने पुलिस से संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि खातों में जमा पैसा जबरन वसूली और संस्थागत भ्रष्टाचार से जुड़ा हो सकता है। सरकारी पैसे की हेराफेरी की जांच केवल एजेंसियां ही कर सकती हैं। ऋतब्रत बनर्जी ने दिल्ली और कोलकाता के बीच चलने वाली चार्टर्ड फ्लाइट्स का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक इन खातों से लेन-देन पूरी तरह बंद होना चाहिए। उनका इशारा सीधे तौर पर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की हालिया दिल्ली यात्राओं की तरफ था।
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