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Odisha Train Accident: सामने आई भीषण ट्रेन हादसे की वजह, रेल मंत्री बोले- जिम्मेदार लोगों की पहचान भी कर ली गई

Sun, 04 Jun 2023 11:56 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालासोर

सार

उन्होंने कहा कि कल प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों पर तेजी से काम चल रहा है। कल रात एक ट्रैक काम लगभग पूरा हो गया। आज एक ट्रैक की पूरी मरम्मत करने की कोशिश रहेगी। कोशिश है कि बुधवार की सुबह तक सामान्य रूट चालू हो जाए।
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Odisha Train Accident - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण ट्रेन हादसे की वजह का खुलासा हो गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद इस बारे में बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने मामले की जांच की है। इसमें हादसे की वजह कापता चल गया है। रेल मंत्री ने खुलासा किया कि इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव के कारण यह दुर्घटना हुई। इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान भी कर ली गई है।

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इससे पहले रेल मंत्री लगातार दूसरे दिन दुर्घटनास्थल पहुंचे और मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने मरम्मत कार्य में लगे लोगों से बात की और उनकी सराहना भी की। रेल मंत्री नजदीकी अस्पताल भी गए और घायलों का हालचाल जाना। इस दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे। उन्होंने घायलों के इलाज में लगी चिकत्सकीय टीम की सराहना की।

 


इससे पहले मरम्मत कार्य की जानकारी देते हुए रेल मंत्री ने बताया कि बीते दिन प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों पर तेजी से काम चल रहा है। कल रात एक ट्रैक काम लगभग पूरा हो गया। आज एक ट्रैक की पूरी मरम्मत करने की कोशिश रहेगी। सभी डिब्बों को हटा दिया गया है। शवों को निकाल लिया गया है। कार्य तेजी से चल रहा है। कोशिश है कि बुधवार की सुबह तक सामान्य रूट चालू हो जाए।
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अब तक 288 लोगों की मौत
ओडिशा के बालासोर के बहनागा बाजार में शुक्रवार को हुए रेल हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 288 तक पहुंच गई है। 1175 घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, इनमें से 793 को छुट्टी दे दी गई और 382 का इलाज चल रहा है। दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।


लूप लाइन पर चली गई थी कोरोमंडल एक्सप्रेस
हादसे की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कोरोमंडल एक्सप्रेस बहनगा बाजार स्टेशन से पहले मुख्य के बजाय लूप लाइन पर चली गई थी, जहां उसकी टक्कर पहले से खड़ी मालगाड़ी से हुई। सूत्रों की मानें तो प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोमंडल एक्सप्रेस के लिए अप मेनलाइन का सिग्नल दिया गया और बाद में हटा लिया गया। इससे ट्रेन लूप लाइन में घुस गई। मालगाड़ी से टकराने के बाद उसके कुछ कोच पटरी से उतर गए। इस बीच बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस डाउन मेन लाइन से गुजरी और उसके दो कोच कोरोमंडल एक्सप्रेस के कोच से टकराने के बाद पटरी से उतर गए।
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अश्विनी वैष्णव। - फोटो : Social Media
128 किमी की गति से दौड़ रही थी ट्रेन
कोरोमंडल एक्सप्रेस 128 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी, वहीं बंगलूरू-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस 126 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी।

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2,500 से अधिक थे यात्री
दोनों ट्रेनों में 2,500 से अधिक यात्री सवार थे। हादसे के बाद भटके 1,500 यात्रियों को विशेष ट्रेनों से उनकी मंजिल तक पहुंचाया जा रहा है। शनिवार को 1,000 यात्रियों को हावड़ा पहुंचाया गया। एक अन्य ट्रेन से 200 यात्री बालासोर से हावड़ा लाए जा रहे हैं। भद्रक से चेन्नई के लिए विशेष ट्रेन में 250 यात्री रवाना हुए। इनमें 133 यात्री चेन्नई, 41 विशाखापट्टनम व बाकी अन्य शहरों में उतरेंगे।

200 एंबुलेंस, वायुसेना के दो हेलिकॉप्टर तैनात
अधिकारियों ने बताया, 1,200 कर्मियों के अलावा 200 एंबुलेंस, 50 बस और 45 मोबाइल स्वास्थ्य यूनिट दुर्घटनास्थल पर काम कर रही थीं। वायुसेना ने गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बाहर निकालने के लिए डॉक्टरों की टीम के साथ दो एम-आई हेलिकॉप्टर तैनात किए थे।
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