मृतक लड़की दिव्यांशी की मां अश्विनी ने गुरुवार को शिकायत दर्ज कराने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि परिवार की ओर से उपहार में दी गई बालियां भावनात्मक रूप से कीमती थीं। जब उनकी बेटी का शव पोस्टमॉर्टम के बाद लौटाया गया तो वे गायब थीं।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत के जश्न के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास 4 जून को हुई भगदड़ में जान गंवाने वाली 14 वर्षीय लड़की की मां ने पुलिस में एक चौंकाने वाली शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि पोस्टमॉर्टम के दौरान उसकी बेटी का सामान चोरी हो गया। इसमें सोने की एक जोड़ी बालियां भी शामिल हैं।
विज्ञापन
मृतक लड़की दिव्यांशी की मां अश्विनी ने गुरुवार को शिकायत दर्ज कराने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि परिवार की ओर से उपहार में दी गई बालियां भावनात्मक रूप से कीमती थीं। जब उनकी बेटी का शव पोस्टमॉर्टम के बाद लौटाया गया तो वे गायब थीं। शहर के कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है।
अश्विनी ने कहा, 'दिव्यांशी एक साल तक उन्हें नहीं उतारा। वे हमारे परिवार ने उपहार में दिए थे। उन झुमकों का गहरा भावनात्मक मूल्य है। मैं उन्हें एक यादगार के रूप में सहेज कर रखना चाहती थी।' महिला ने आरोप लगाया कि अपनी बेटी की मौत के बाद के दिनों में डीन सहित अस्पताल के अधिकारियों से संपर्क करने और कई पुलिस थानों का चक्कर लगाने के बावजूद उसे कोई उचित जवाब नहीं मिला।
विज्ञापन
'झुमकों की कीमत का मामला नहीं'
उन्होंने कहा, 'हमने दूसरे पुलिस थाने और अस्पताल में शिकायत की कोशिश की। हम डीन और अन्य लोगों से मिले भी। उन्होंने माना कि चोरी हुई थी, लेकिन उन्होंने झुमके नहीं सौंपे। यह झुमकों की कीमत का मामला नहीं है। हमारे लिए वो बेशकीमती हैं। दिव्यांशी को बालियां बहुत पसंद थीं।'
पुलिस ने क्या कहा?
कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह चोरी से संबंधित धारा है। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि हम आरोपों की जांच कर रहे हैं।
क्या है मामला?
दरअसल, चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास 4 जून को हुई भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई थी। इस दौरान कई घायल हो गए थे। यह घटना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु फ्रेंचाइजी की ओर से आईपीएल का खिताब जीतने के बाद विजय परेड के दौरान घटी थी। जश्न के दौरान आयोजन स्थल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे भगदड़ मच गई।