भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बड़े लोन डिफॉल्टर की सूची सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी है। साथ ही अनुरोध किया है कि उनके नाम उजागर करने से कारोबार पर ‘प्रतिकूल प्रभाव’ पड़ सकता है और ‘व्यवसाय के विफल होने का दवाब बढ़’ सकता है।
सूची के साथ दिए गए हलफनामे में आरबीआई ने कहा है कि डिफॉल्टर के नाम उजागर करने से ऐसी इकाइयों में काम कर रहे कर्मचारियों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने पिछले महीने आरबीआई को निर्देश दिया था कि वह वैसी कंपनियों की एक सूची उपलब्ध कराए जिसने 500 करोड़ से अधिक बैंक लोन के मामले में डिफॉल्ट किया हुआ है।
इसके अलावा, शीर्ष अदालत ने बढ़ते बुरे कर्ज पर जिंता भी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने आरबीआई से छह हफ्ते के भीतर उन कंपनियों की सूची भी उपलब्ध कराने को कहा था जिनके कर्ज का पुनर्गठन कॉरपोरेट डेट रीस्ट्रक्चरिंग के तहत किया गया है।