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रिजर्व बैंक का यूटर्न, पुराने नोट जमा करने पर कोई पूछताछ नहीं

Thu, 22 Dec 2016 03:05 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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भारतीय रिजर्व बैंक पुराने 500 एवं 1000 रुपये के नोटों में 5000 रुपये से अधिक जमा करने पर अब कोई पूछताछ नहीं करेगा। इस संबंधी अधिसूचना से तीसरे दिन ही पलटते हुए आरबीआई ने बुधवार को सभी बैंक प्रमुखों को पत्र भेजकर कहा है कि केवाईसी अनुपालक खाताधारकों से कोई सवाल नहीं पूछा जाएगा और 30 दिसंबर तक वे कई बार 5000 रुपये से अधिक पुराने नोट जमा कर सकते हैं।
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आरबीआई को यह फैसला वापस लेना पड़ा क्योंकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार और मंगलवार को दो बार स्पष्ट कर दिया था कि 5000 से अधिक एक बार जमा करने वालों से कोई सवाल नहीं किया जाएगा। लेकिन नोट जमा कराने गए ऐसे ग्राहकों से बैंक अधिकारी सवाल करने से बाज नहीं आए।

बैंक अधिकारियों ने कुछ ग्राहकों को यह कहकर लौटा दिया कि जो निर्देश मिला है, उसी का पालन होगा। ग्राहकों की परेशानी दूर करने के लिए आरबीआई को नया सर्कुलर जारी करना पड़ा। रिजर्व बैंक ने सोमवार को कहा था कि 30 दिसंबर तक 5000 रुपये से अधिक के  पुराने नोट सिर्फ एक बार जमा कराए जा सकेंगे और इसके लिए भी ग्राहक को जवाब देना होगा कि वह पहले क्यों ऐसा नहीं कर पाए। 
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नए सर्कुलर के मुताबिक, अब उनसे यह सवाल भी नहीं किया जाएगा लेकिन नॉन केवाईसी खाताधारकों को 19 दिसंबर को जारी अधिसूचना के मुताबिक ही कड़े मानकों से गुजरना होगा। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री कई बार लोगों से अपील कर चुके थे कि लोग बैंकों में भीड़ न बढ़ाएं क्योंकि उनके पास पुराने नोट जमा करने के लिए 30 दिसंबर तक का पर्याप्त समय है। ऐसे में नई अधिसूचना से चौतरफा आलोचना झेल रहे आरबीआई ने अपने फैसले को संशोधित करते हुए केवीसी खाताधारकों को बड़ी राहत दी है।
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अब तक 5.92 लाख करोड़ रुपये के नोट जारी कर चुका है आरबीआई

फाइल फोटो - फोटो : AmarUjala
भारतीय रिजर्व बैंक नोटबंदी के बाद से अब तक 5.92 लाख करोड़ रुपये के नोट जारी कर चुका है। 10 नवंबर से 19 दिसंबर के दौरान 500 और 2000 के 220 करोड़ नए नोट जारी किए गए हैं। हालांकि अब तक जारी की गई राशि बैंकों में जमा हुए पुराने नोेटों के मूल्य से कम है। दस दिसंबर तक रिजर्व बैंक और करेंसी तिजोरियों में लौटाए गए 500 और 1000 के पुराने नोटों की कीमत 12.44 लाख करोड़ रुपये थी।

रिजर्व बैंक ने कहा है कि 8 नवंबर को 500 और 1000 के पुराने नोटों को बंद करने के ऐलान के बाद उसने बैंकों के जरिये अलग-अलग मूल्यों के नोट जारी करने के पर्याप्त व्यवस्था किए हैं। आरबीआई का कहना है कि 10 नवंबर से 19 नवंबर के बीच बैंकों ने काउंटर या एटीएम के जरिये 5,92,613 करोड़ रुपये के नोट जारी किए हैं।

आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद 9 नवंबर को बैंक बंद थे। इसके अलावा 2.20 लाख एटीएम भी बंद थे। 
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इलेक्ट्रॉनिक या चेक से वेतन भुगतान पर कानून बनेगा

फाइल फोटो
सरकार ने वेतन भुगतान कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने का फैसला किया है। इसके तहत सभी कामगारों को इलेक्ट्रॉनिक या चेक के जरिये वेतन मिलने लगेगा। एक सरकारी सूत्र के मुताबिक, बुधवार को मंत्रिमंडल बैठक में वेतन भुगतान कानून, 1936 में संशोधन के लिए सहमति बनी।

इसके तहत नियोक्ताओं तथा कुछ उद्योगों को अपने कामगारों के वेतन का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक तरीके या चेक से करना होगा। हालांकि अध्यादेश जारी होने के बाद भी नियोक्ताओं के पास वेतन का भुगतान नकद में करने का विकल्प होगा।

इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर शुल्क में रियायत 
नई दिल्ली। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के मकसद से वित्त मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से कहा है कि आईएमपीएस और यूपीआई से होने वाले हस्तांतरण पर शुल्क न लें। यह शुल्क माफी एनईएफटी के जरिये 1000 रुपये तक फंड ट्रांसफर पर भी लागू रहेगी।

रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस), एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) और असंरचित पूरक सेवा डाटा (यूएसएसडी) से 1,000 रुपये तक के लेन-देन को तर्कसंगत बनाते हुए 1 जनवरी 2017 से 31 मार्च 2017 तक चार्ज में छूट दी है। रिजर्व बैंक ने 1 जनवरी 2017 से 31 मार्च 2017 तक डेबिट कार्ड से 2,000 रुपये तक के लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को भी तर्कसंगत बनाया है।
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