बैंकों के फंसे हुए कर्ज की समस्या का समाधान करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने कार्रवाई तेज कर दी है। आरबीआई ने ऐसे 12 खातों की पहचान की है, जिनमें प्रत्येक पर 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। कर्ज की यह राशि बैंकों के कुल एनपीए (फंसा कर्ज) का करीब 25 फीसदी है।
अमर उजाला ने अपने पाठकों से अमर उजाला पोल के जरिए रिजर्व बैंक को लेकर सवाल पूछा कि क्या रिजर्व बैंक को डिफॉल्टर खाताधारकों के नाम और पहचान उजागर करनी चाहिए? इस सवाल को लेकर देशभर से कई प्रतिक्रियाएं आई।
आपकों बता दें कि इस सवाल पर हमारे पास देशभर से 11664 लोगों की राय आई। 94.3% यानि कि 11 हजार लोगों ने हां में अपनी राय व्यक्त की तो वहीं 526 (4.51%) लोगों का मानना है कि रिजर्व बैंक को डिफॉल्टर खाताधारकों के नाम और पहचान को सामने नहीं लाना चाहिए। लेकिन देश से 138 (1.18%) लोग ऐसे है जो इस सवाल पर कोई राय व्यक्त करने में असमर्थ रहे। अमर उजाला पोल में कुल 11664 पाठकों ने हिस्सा लिया।