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नोटबंदी के दौरान सहकारी बैंकों के घोटाले से अनजान है RBI

Tue, 17 Jan 2017 02:31 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई
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आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद सहकारी बैंकों में बड़े पैमाने पर लेनदेन में अनियमितता, धांधली और घोटाले का मामला सुर्खियों में था। लेकिन अब नई बात सामने आई है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को इसकी जानकारी ही नहीं है। मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली के सवालों के जवाब में आरबीआई की ओर से बताया गया है कि सहकारी बैंकों में हुई अनियमितता की जानकारी उनके पास उपलब्ध नहीं है।
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नोटबंदी के एलान के कुछ ही दिन बाद सहकारी बैंकों में लेनदेन में करेंसी बदलने का आरोप लगा जिसके चलते इन बैंकों को नई करेंसी से दूर रखा गया था। गलगली ने आरबीआई से उन सहकारी बैंकों की जानकारी मांगी थी जहां आठ नवंबर से दस दिसंबर 2016 तक लेनदेन में अनियमितता पाई गई थी। 

इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी मांगी थी कि जिन बैंकों में अनियमितता उजागर हुई है उनके खिलाफ को गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा दिया जाए। गलगली के इस सवाल के जवाब में केंद्रीय जन सूचना अधिकारी ए.जी.रे ने कहा हैं कि राज्य एवं जिला सहकारी बैंकों के बारे में मांगी गई जानकारी उनके पास उपलब्ध नहीं है, जबकि शहरी सहकारी बैंकों से संबंधित जानकारी दूसरे विभाग द्वारा दी जाएगी।
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जिला सहकारी बैंकों की शाखाओं में नोट बदलने पर रोक लगा दी थी

- फोटो : Getty
मालूम हो कि 14 नवंबर 2016 को आरबीआई ने आदेश जारी कर सभी जिला सहकारी बैंकों की शाखाओं में एक हजार और 500 के नोट बदलने पर रोक लगा दी थी। आरबीआई को इन बैंकों से लगातार गड़बड़ी कर अपने परिचितों के नोट बदलने की शिकायत मिल रही थी। 

गलगली का कहना हैं कि  जब कोई जानकारी आरबीआई के पास नहीं है तब फिर इन बैंकों पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया। आरबीआई के इस कदम से किसान और मध्यमवर्गीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
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