भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल मंगलवार को वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाले संसदीय स्थायी समिति के सामने पेश हुए। इस दौरान स्थायी समिति ने उर्जित पटेल से नीरव मोदी-पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी, बैंकों के बढ़ते बैड लोन और नोटबंदी के बाद बैंकों में वापस आए नोटों के आंकड़ों सहित कई मुद्दों पर सवाल पूछे हैं। मालूम हो कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक से 13,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर फरार चल रहा है।
समिति के सदस्यों ने आरबीआई गवर्नर से पूछा कि घोटाले के बारे में कैसे पता नहीं चला। साथ ही समिति ने बैंकों में बढ़ते एनपीए पर भी चर्चा की। इस पर पटेल ने स्थायी समिति को बताया कि बैंकिंग क्षेत्र के एनपीए संकट को हल करने के लिए उपाय शुरू किए गए हैं।
बताते चलें कि यह पहली बार नहीं है जब उर्जित पटेल संसदीय समिति के सामने पेश हुए। इससे पहले भी उन्हें कई बार समिति के सवालों का सामना करना पड़ा है। उल्लेखनीय है कि इन्हीं मुद्दों पर चर्चा करने के लिए समिति ने उर्जित पटेल को 17 मई को अपने समक्ष पेश होने के लिए कहा था।
गौरतलब है कि 8 नवंबर, वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकाएक नोटबंदी की घोषणा कर दी थी। पीएन ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद किए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद ही इस संसदीय समिति का गठन किया गया था।