नोटबंदी और अर्थव्यवस्था पर उसके प्रभाव के बारे में रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल बुधवार को संसदीय समिति को अपनी सफाई देंगे। वह यह भी बताएंगे कि नगदी की समस्या से निपटने के लिए क्या कुछ किया गया। इसके अलावा वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि, वित्तीय सेवा एवं राजस्व के अधिकारी वित्तीय मामलों की स्थायी समिति के प्रमुख और कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली को भी जानकारी देंगे।
बैठक में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन, एसबीआई, पीएनबी और ओबीसी भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे। बैठक में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के बाद अर्थव्यवस्था पर प्रभाव की चर्चा होगी। उर्जित पटेल 20 जनवरी को इन्हीं मुद्दों पर लोक लेखा समिति के सामने अपनी सफाई देंगे।