विश्वनाथन के इस्तीके से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) बीते जनवरी माह में माइकल पात्रा को नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया था। माइकल की नियुक्ति तीन साल के लिए दी गई। बता दें कि डिप्टी गवर्नर के साथ ही माइकल पात्रा आरबीआई के कार्यकारी निदेशक और मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के सदस्य भी हैं।
अगस्त से खाली पड़ा था पद
बता दें कि विरल आचार्य ने अगस्त 2019 में अपने पद से इस्तीफा दिया था। तब से यह पद खाली था। आचार्य से पहले उर्जित पटेल इस पद पर रहे थे। बता दें कि व्यक्तिगत कारणों से आचार्य ने 23 जुलाई के बाद रिजर्व बैंक में सेवा देने में असमर्थता जताते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था।
आरबीआई के चौथे डिप्टी गवर्नर बने थे पात्रा
जनवरी में नियुक्ति पाने वाले पात्रा आरबीआई के चौथे नंबर के डिप्टी गवर्नर बनाए गए थे। इससे पहले तक आरबीआई के तीन डिप्टी गवर्नर थे - एनएस विश्वनाथन, बीपी कनुनगो और एमके जैन। इनमें से विश्वनाथन ने इस्तीफा दिया है। वहीं शक्तिकांत दास आरबीआई के गवर्नर हैं।