सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सेक्टर को भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को नए साल का तोहफा दिया है। आरबीआई ने एमएसएमई सेक्टर के फंसे कर्ज के एकबारगी पुनर्गठन की छूट देते हुए मंगलवार को इसके लिए नए नियम जारी कर दिए।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि आरबीआई ने एमएसएमई के फंसे कर्ज की एकबारगी पुनर्गठन किए जाने की अनुमति दे दी है। इसके अनुसार, एमएसएमई के ऐसे कर्ज जिनकी किस्तों की अदायगी रुक गई है, लेकिन वे एक जनवरी 2019 को मानक कर्ज श्रेणी में हैं, उनका एकबारगी पुनर्गठन किया जाएगा।
आरबीआई ने कहा है कि किसी कर्जदार इकाई के लिए इस छूट का पात्र होने के लिए जरूरी है कि उस पर 1 जनवरी, 2019 को बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की गैर-कोष आधारित सुविधा सहित कुल उधार 25 करोड़ रुपये से अधिक न हो। इस योजना के तहत ऋणों का पुनर्गठन 31 मार्च, 2020 तक लागू किया जा सकता है। रिजर्व बैंक ने छोटे उद्योगों के ऋण पुनर्गठन की एकबारगी छूट दी है।