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सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने की इजाजत किसी को भी नहीं, सरकार सख्ती बरतेगी : रविशंकर प्रसाद

Thu, 11 Feb 2021 12:31 PM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सोशल मीडिया साइट्स - फोटो : AMAR UJALA
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सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सऐप और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया मंचों को आगाह किया कि अगर उनका उपयोग भारत में झूठी खबरें फैलाने, हिंसा या वैमनस्य को बढ़ावा देने में किया जाता है तो उनके खिलाफ सख्ती की जाएगी।

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प्रसाद ने कहा कि अगर सोशल मीडिया का दुरूपयोग किया जाता है और झूठी खबरों के अलावा, हिंसा व वैमनस्य को बढ़ावा मिलता है तो ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी।

प्रसाद ने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान विभिन्न पूरक सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार सोशल मीडिया का सम्मान करती है और इस मंच से लोग अधिकार संपन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में सोशल मीडिया की अहम भूमिका रही है।
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प्रसाद ने कहा कि सरकार आलोचना के अधिकार का भी सम्मान करती है लेकिन ऐसे मंचों को देश के संविधान और कानूनों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर सोशल मीडिया के जरिए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है तो चुनाव आयोग के अलावा सरकार भी कार्रवाई करेगी।

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों अमेरिकी संसद भवन में हिंसा और यहां लाल किले में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा के समय ऐसे मंचों का आचरण विरोधाभासी रहा। उन्होंने कहा कि कई सोशल मीडिया मंचों ने अमेरिका में पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया लेकिन यहां भारत में उलटा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ऐसा दोहरा मानदंड स्वीकार नहीं किया जा सकता।

प्रसाद ने कहा कि ऐसी कंपनियां भारत में काम करें, पैसे कमाएं लेकिन साथ ही वे संविधान और देश के कानूनों का भी पालन करें।

ट्विटर के 1100 अकाउंट बंद नहीं करने से सरकार खफा
केंद्र सरकार ने ट्विटर से कुल 1100 अकाउंट बंद करने को कहा था। सरकार का दावा था कि इन अकाउंट के जरिये किसान आंदोलन को भड़काया जा रहा है। लेकिन ट्विटर के द्वारा उचित कार्रवाई नहीं करने से सरकार ने बुधवार को नाराजगी जताई थी।

ट्विटर पर उठाए गए कदमों के सवाल पर प्रसाद ने कहा कि मंत्रालय के अधिकारी लगातार ट्विटर की टीम से बात कर रहे हैं और उन्हें दो टूक बता दिया गया है कि कानूनों का पालन करना होगा।

अभिव्यक्ति की आजादी ठीक मगर मर्यादाएं न भूलें
प्रसाद ने कहा, संविधान ने अभिव्यक्ति की आजादी दी है लेकिन उसकी कुछ मर्यादाएं भी हैं। संविधान के अनुच्छेद 19 (2) में कुछ पाबंदियां भी दी गई हैं जिन्हें सोशल मीडिया कंपनियों को उसे ध्यान में रखना होगा। ताकि देश की संप्रभुता और अखंडता को कोई खतरा न रहे। 

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