देश में किसानों के बढ़ते प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद किसानों की सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। प्रसाद अपनी टीम को भेजकर किसानों को डिजिटल बिक्री देने की ट्रेनिंग दिलवा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को सिलसिलेवार तरीके से ट्वीट करते हुए शामली के किसानों की आपबीती सुनाई।
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि मुझे मीडिया के द्वारा एक किसान रमेश की जानकारी मिली जिसने मंडी में मिल रहे मूल्य से दुखी हो कर अपनी पूरी गोभी की फसल पर ट्रैक्टर चला कर नष्ट कर दिया और उसके पास अब बेचने के लिए कोई फसल नहीं है। टीम भेजकर इन्हें भविष्य में डिजिटल तरीके से फसल बेचने की जानकारी दी गई है।
उन्होंने दूसरा ट्वीट करते हुए लिखा कि मंडियों के इसी शोषण से किसानों को मुक्ति दिलाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने नए कृषि कानून बनाए हैं। मैंने @CSCegov की टीम को कहा कि मायापुरी गांव के अन्य किसानों से भी संपर्क कर उन्हें डिजिटल तरीके से अपनी फसल देश के किसी भी खरीददार को बेचने की सुविधा की जानकारी दी जाए।
जानकारी मिलते ही मायापुरी गांव के कई किसान जो मंडी के शोषण से परेशान थे अपनी फसल को बेहतर मूल्य पर बेचने के लिए आगे आये। उन्होंने आज 400 किलो गोभी की पहली खेप किसान तनवीर ने दिल्ली के खरीददार को डिजिटल प्लेटफॉर्म के द्वारा 10 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेच दी।
उन्होंने कहा कि किसान को ट्रांसपोर्ट की सुविधा उसके खेत पर ही उपलब्ध हो गई जिसका खर्च भी खरीददार ने वहन किया। किसान के खाते में पूरा पेमेंट हो गया है। आज शाम शामली की गोभी दिल्ली के लिए रवाना हो गई है। आने वाले दिनों में अन्य किसानों की गोभी की फसल भी देश के खरीददार खरीदने को तैयार हैं।
समस्तीपुर के किसान की भी की थी सहायता
बता दें कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की पहल से समस्तीपुर के किसान की भी समस्या हल हो गई थी। दरअसल यहां के एक किसान ने उचित भाव नहीं मिलने पर खेत में तैयार गोभी की अपनी फसल को ट्रैक्टर चलाकर जमींदोज कर दिया था। लेकिन केंद्रीय मंत्री की मदद से उसकी फसल को 10 गुना दाम मिल गए हैं। इससे खुश किसान ने कहा है कि कृषि कानूनों के फायदे के बारे में सबको बताऊंगा।