शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने बुधवार को कहा कि चंद्रपुर के महापौर चुनाव में गड़बड़ी के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। शिवसेना (यूबीटी) ने इन चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को समर्थन दिया था।
राउत ने कहा, कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए। सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद वह चंद्रपुर में सत्ता हासिल नहीं कर पाई। उद्धव ठाकरे गुट के नेता ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी को दोष देने का कोई मतलब है। नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा, शिवसेना (यूबीटी) के स्थानीय नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन किया। यह फैसला स्थानीय स्तर पर हुआ, पार्टी नेतृत्व का फैसला नहीं था।
महाराष्ट्र में किस गठबंधन में कौन दल शामिल हैं?
भाजपा राज्य में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ महायुति सरकार में है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और कांग्रेस विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के घटक हैं।
'स्थानीय नेताओं ने लिया भाजपा से हाथ मिलाने का निर्णय'
राउत ने कहा, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चंद्रपुर के कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि भाजपा की मदद न करें, चाहे विपक्ष में बैठना पड़े। फिर भी कांग्रेस की गड़बड़ी के कारण स्थानीय नेताओं ने यह निर्णय लिया। इसका मतलब यह नहीं कि हमने भाजपा के साथ हाथ मिला लिया। '
भाजपा की संगीता खांडेकर ने एक वोट से हराया
कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों के कारण चंद्रपुर महापौर चुनाव में भाजपा को जीत हासिल करने मौका मिला। भाजपा की संगीता खांडेकर ने कांग्रेस की वैशाली महाडुले को एक वोट से हराया। शिवसेना (यूबीटी) के प्रशांत दानवे को उपमहापौर चुना गया।
कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए: संजय राउत
इस घटना ने विपक्ष की एकता पर सवाल खड़े कर दिए। चंद्रपुर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थी और महापौर पद की दावेदार थी। लेकिन विजय वडेट्टीवार और प्रतिभा धनोरकर के नेतृत्व वाले गुटों के बीच मतभेदों का भाजपा ने फायदा उठा लिया। राउत ने कहा कि कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए क्योंकि सबसे ज्यादा प्रतिनिधि होने के बावजूद वह सत्ता हासिल नहीं कर पाई।
चंद्रपुर नगर निगम चुनाव में किस दल के पास कितनी सीटें?
66 सदस्यीय नगर निगम चुनाव में कांग्रेस 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। भाजपा को 23, शिवसेना (यूबीटी) को 6, जनता विकास सेना को 3, वंचित बहुजन अघाड़ी को 2, एआईएमआईएम, बसपा और शिवसेना को एक-एक सीट मिलीं। दो निर्दलीय भी चुने गए।
ये भी पढ़ें:
अहमदाबाद एयर इंडिया हादसा: सुप्रीम कोर्ट ने AAIB से तीन सप्ताह में रिपोर्ट मांगी, सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी जांच
राउत ने कहा, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? इसे शीर्ष स्तर पर जांचा जाना चाहिए। शिवसेना (यूबीटी) को दोष देने का कोई मतलब नहीं। उन्होंने कहा कि वंचित बहुजन अघाड़ी और एआईएमआईएम ने महापौर चुनाव में कांग्रेस का समर्थन नहीं किया क्योंकि पार्टी में एकमत नहीं था।
अजित पवार के विमान हादसे पर क्या कहा?
राउत ने 28 जनवरी को बारामती में विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर एनसीपी के विधायक रोहित पवार की ओर से उठाए सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसमें शक की गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को रोहित पवार की ओर से उठाए गए बिंदुओं पर विचार करना चाहिए। राउत ने पूछा, क्या यह पहले से रची गई साजिश थी? पवार परिवार का कोई अहम विधायक यह सवाल उठा रहा है। राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अजित पवार की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करनी चाहिए।