पांच साल बाद हुए टाटा मोटर्स के टाउनहाल में टाटा समूह के मानद चेयरमैन रतन टाटा भावुक हो गए और उन्होंने कर्मचारियों से कहा है कि फिर से लीडर बनने के लिए तैयारी में जुट जाएं। टाटा ने कहा कि उन्हें दर्द हुआ जब टाटा मोटर्स का मार्केट शेयर पिछले 4-5 सालों में गिरा और देश में इसे 'फेल होती कंपनी' के रूप में देखा जाने लगा।
नए वित्त वर्ष की शुरुआत में होने वाले टाउनहाल की परंपरा को टाटा ने एकबार फिर से 5 साल बाद शुरू किया है। टाउनहाल के दौरान उन्होंने कर्मचारियों से पुणे को लेकर पुरानी यादें भी ताजा कीं।
उन्होंने कर्मचारियों में जोश भरते हुए कहा कि 'कंपनी में गजब की काबिलियत है, हमें पुरानी स्पिरिट वापस पानी होगी, उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स से जुड़ा होना मेरे लिए गर्व की बात थी क्योंकि हमने जो भी काम शुरू किया उसे पूरा करने की बेहतरीन कोशिश की। चाहे यह प्रोडक्ट्स हों, पैसेंजर कार के क्षेत्र में एंट्री हो, नए सिस्टम उतारने की बात हो, हमने हर कोशिश की।
पिछले 4-5 सालों में हमने जो मार्केट शेयर खोया उसका मुझे बहुत दुख है। हम वह कंपनी बन गए जिसे देश ने फेल होती कंपनी के रूप में देखना शुरू कर दिया। 2016-17 में टाटा मोटर्स का ग्रॉस रेवेन्यू 49,100 करोड़ रुपये था जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 3.6 प्रतिशत ज्यादा था लेकिन टैक्स के बाद हुआ घाटा कई गुना बढ़ गया।
जितने भी साल मैं यहां रहा (टाटा मोटर्स में), मुझे यह हमेशा विश्वास रहा कि कंपनी में गजब का जोश और काबिलियत है। मुझे खुशी है कि आज में यहां खड़ा हूं और मुझे वही जोश दिख रहा है। टाटा मोटर्स एक दौर में टाटा ग्रुप की लीडिंग कंपनी थी। हमें ऐसा फिर से करने के लिए प्लान तैयार करना चाहिए। हमें लीडर्स बनने के लिए प्लान करना चाहिए, न कि फॉलोअर्स बनने के लिए। हमें यह स्पिरिट वापस पानी ही होगी। सफलता पाने के लिए हरसंभव कोशिश करनी ही होगी। मुझे उम्मीद है कि हम ऐसा फिर से करने में सक्षम होंगे।'