मुकेश अंबानी ने अपने शोक संदेश में टाटा के निधन को पूरे देश के साथ-साथ भारतीय उद्योग जगत के लिए बहुत दुखद दिन करार दिया। उन्होंने कहा, रतन टाटा का निधन न केवल टाटा समूह के लिए, बल्कि प्रत्येक भारतीय के लिए बड़ी क्षति है। अंबानी ने टाटा के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताते हुए कहा, 'रतन टाटा के निधन से मुझे बहुत दुःख हुआ है। मैंने एक प्रिय मित्र खो दिया। टाटा एक दूरदर्शी उद्योगपति और परोपकारी शख्सियत थे, जिन्होंने हमेशा समाज की भलाई के लिए प्रयास किए। उन्होंने भारत को दुनिया भर में पहुंचाया और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ चीजों को भारत लेकर आए।' अंबानी ने कहा कि रतन, हमेशा उनके दिल में रहेंगे।
राहुल गांधी ने दूरदर्शी दृष्टिकोण वाला किरदार बताया
रतन टाटा के निधन पर नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शोक व्यक्त किया है। राहुल गांधी ने कहा कि रतन टाटा दूरदृष्टि वाले व्यक्ति थे। उन्होंने व्यापार और परोपकार दोनों पर अमिट छाप छोड़ी है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और टाटा समूह के साथ हैं।
लाखों लोगों के लिए प्रेरणा और आदर्श थे टाटा: खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया। खरगे ने कहा कि उनके निधन से हमने भारत का एक अनमोल सपूत खो दिया है। उन्होंने कहा, रतन टाटा एक उत्कृष्ट परोपकारी व्यक्ति, निष्ठा और नैतिकतापूर्ण नेतृत्व के पर्याय थे। उनकी भारत के समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता सर्वोपरि रही। वह लाखों लोगों के लिए प्रेरणा और आदर्श थे। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मेरी संवेदनाएं उनके प्रियजनों और प्रशंसकों के साथ हैं।
उद्योग जगत के दिग्गज गौतम अदाणी ने भी रतन टाटा के निधन पर शोक प्रकट किया। उन्होंने कहा कि भारत ने एक महान दूरदृष्टि वाले व्यक्ति को खोद दिया है। टाटा ने आधुनिक भारत के पथ को पुनर्परिभाषित किया। वह सिर्फ एक बिजनेस लीडर नहीं थे, उन्होंने अखंडता, करुणा और व्यापक भलाई के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ भारत की भावना को मूर्त रूप दिया। ऐसी हस्तियां हमेशा जीवित रहती हैं।
उद्योगपति हर्ष गोयनका ने भी रतन टाटा के निधन पर शोक प्रकट किया। उन्होंने कहा कि टाटा ईमानदारी, नैतिक नेतृत्व और परोपकार की एक मिसाल थे। उन्होंने व्यापार और उससे परे की दुनिया पर एक अमिट छाप छोड़ी है। वह हमारी स्मृतियों में सदैव जिंदा रहेंगे।
उद्योगपति और बायोकॉन लिमिटेड की कार्यकारी अध्यक्ष किरण मजूमदार शॉ ने भी रतन टाटा के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि टाटा सबसे बड़े बिजनेस आइकन थे। उन्होंने रतन टाटा के साथ अपने एक्स हैंडल पर एक तस्वीर साझा की और कहा कि मैं इसे हमेशा संजो कर रखूंगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी रतन टाटा के निधन पर शोक प्रकट किया। बकौल शाह, टाटा ने निस्वार्थ भाव से अपना जीवन हमारे राष्ट्र के विकास के लिए समर्पित कर दिया। जब भी मैं उनसे मिला, भारत और उसके लोगों की भलाई के प्रति उनके उत्साह और प्रतिबद्धता ने मुझे आश्चर्यचकित कर दिया। हमारे देश और लोगों के कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण लाखों सपने साकार हुए। वह हमारे दिलों में जीवित रहेंगे। मेरी संवेदनाएं टाटा समूह और उनके अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्हें 'देश का महान सपूत' बताते हुए गडकरी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, रतन टाटा के साथ मेरे तीन दशकों तक घनिष्ठ पारिवारिक संबंध रहे।
पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) इंडिया ने भी रतन टाटा के निधन पर संवेदनाएं प्रकट कीं। पेटा इंडिया की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक टाटा का पशुओं के प्रति प्रेम और करुणा उनकी व्यावसायिक क्षमता की तरह ही प्रसिद्ध रही। इसे हमेशा याद किया जाएगा। पेटा ने कहा कि मुंबई में टाटा ट्रस्ट्स स्मॉल एनिमल हॉस्पिटल, उनकी करुणा का परिणाम है, जो पहले से ही जरूरतमंद असंख्य जानवरों की मदद कर रहा है। यह निश्चित रूप से पेटा इंडिया के आपातकालीन प्रतिक्रिया कार्य का सहयोगी बनेगा।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी रतन टाट के निधन पर शोक प्रकट किया। उन्होंने टाटा को एक उद्योग दिग्गज और एक सच्चा राष्ट्रीय प्रतीक बताया। माझी ने कहा, रतन टाटा का दूरदर्शी नेतृत्व, नैतिकता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और भारत के विकास में अपार योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। उनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी।
झारखंड के पूर्व सीएम और ओडिशा के राज्यपाल रघुबर दास ने भी रतन टाटा के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा, टाटा का जाना न केवल उद्योग जगत, बल्कि संपूर्ण भारत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके कुशल नेतृत्व में टाटा समूह की कंपनियों ने देश के विकास में अहम योगदान दिया। देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग को गति देने के साथ ही युवा उद्यमियों को भी उन्होंने काफी बढ़ावा दिया। राष्ट्र सेवा में उनके अमूल्य योगदान के लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया और इसे भारतीय व्यापार और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। बनर्जी ने कहा कि टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष भारतीय उद्योग के अग्रणी नेता और एक सार्वजनिक-उत्साही परोपकारी व्यक्ति थे।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी रतन टाटा के निधन पर शोक प्रकट किया। स्टालिन ने कहा कि टाटा विनम्रता और करुणा के प्रतीक थे। उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल टाटा समूह को आकार दिया, बल्कि नैतिक व्यावसायिक प्रथाओं के लिए एक वैश्विक मानक भी स्थापित किया। राष्ट्र-निर्माण, नवप्रवर्तन और परोपकार के प्रति उनके अथक समर्पण ने लाखों लोगों के जीवन पर एक अमिट छाप छोड़ी है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने भी रतन टाटा के निधन पर शोक प्रकट किया। आदित्य ने कहा, न केवल भारत ने बल्कि मानवता ने एक दयालु नेता खो दिया है। वह एक बिजनेस टाइकून थे, जो परोपकार में भी उत्कृष्ट थे। ऐसी आत्माएं दुर्लभ होती हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रतन टाटा के निधन पर दुख जताया और कहा कि वह सत्ता में बैठे लोगों के सामने सच बोलने का साहस रखते थे। उन्होंने टाटा समूह के प्रमुख एन चंद्रशेखरन को पत्र लिखकर संवेदना प्रकट की। मनमोहन सिंह ने पत्र में कहा, 'भारतीय उद्योग जगत के दिग्गज रतन टाटा जी के निधन से गहरा दुख हुआ। वह कारोबार जगत के एक आदर्श व्यक्तित्व से कहीं अधिक थे। उनकी दूरदर्शिता और मानवता उनके जीवन के दौरान स्थापित और पोषित कई परमार्थ कार्यों में दिखी। उनमें सत्ता में बैठे लोगों से सच बोलने का साहस था। मेरे पास कई मौकों पर उनके साथ बहुत करीब से काम करने की सुखद यादें हैं। मैं इस दुखद घड़ी में अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। उनकी आत्मा को शांति मिले।'
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि भारतीय व्यापारिक घरानों में से उन्होंने टाटा की सबसे अधिक प्रशंसा की है क्योंकि रतन टाटा ने अपार समर्पण, दूरदर्शिता और निष्ठा के साथ समूह को कई दशकों तक गौरव दिलाया। पूर्व उपप्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि टाटा ने भारतीय उद्योग पर एक अमिट छाप छोड़ी है। आडवाणी ने कहा, ‘‘वह उद्योग जगत के दिग्गजों में से एक थे। वह वास्तव में दिवंगत श्री जेआरडी टाटा के योग्य उत्तराधिकारी साबित हुए जिनसे मुझे कई मौकों पर बातचीत करने का अवसर मिला।
रतन टाटा के निधन पर फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने कहा कि हर जगह उनका योगदान बहुत बड़ा रहा है। बहुत से लोगों को उन्होंने प्रेरित किया है। उनका योगदान हमेशा भारत याद रखेगा। वह बहुत ही सरल व्यक्ति थे। मेरी दो बार उनसे फ्लाइट में मुलाकात हुई और उन्होंने मुझे हमेशा प्रेरित किया तथा वह मुझे प्रोत्साहित करते थे। वह हमेशा मुझे कहते थे कि अच्छा काम करो। वह बहुत ही अच्छे व्यक्ति थे और हम उन्हें कभी भी भूल नहीं पाएंगे।
हीरो इंटरप्राइज के चेयरमैन सुनील कांत मुंजल ने कहा कि वह उद्योग ही नहीं बल्कि पूरे देश के सच्चे नेता थे। वे सच में असाधारण व्यक्ति थे। उद्योग के भविष्य को देखने वाले थे। उन्होंने भारत में ऐसी कंपनियां बनाईं जो दुनिया के हर पहलू में वैश्विक थीं।
रतन टाटा के निधन पर खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने कहा कि यह देश के लिए बुरी खबर है। मुझे बहुत दुख हुआ। वो हमारे दिल में रहेंगे। उनकी सोच बहुत अच्छी थी और वो हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे।
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) के अध्यक्ष सुभो रे ने दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर कहा कि हमारे लिए उन्हें अपनी पीढ़ी के पहले व्यक्ति के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने स्नैपडील, लेंसकार्ट, अर्बन कंपनी और अन्य जैसे डिजिटल स्टार्टअप में निवेश किया। उन्होंने इस प्रवृत्ति का नेतृत्व किया और अन्य ने उसका अनुसरण किया।
रतन टाटा के निधन पर पूर्व क्रिकेटर कपिल देव ने कहा कि जब ऐसे किसी व्यक्ति का निधन होता है तो स्वाभाविक रूप से हमें बुरा लगता है लेकिन वह अपने पीछे जो विरासत छोड़ गए हैं। उसके लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। हर किसी को इस दुनिया को छोड़ना होगा लेकिन लोग अपने काम के लिए जाने जाएंगे। हमें उनसे बेहतर इंसान कभी नहीं मिलेगा।