सुप्रीम कोर्ट ने उद्योगपति रतन टाटा और नुसली वाडिया को मिल बैठकर मानहानि विवाद को निपटाने के लिए कहा है। टाटा समूह की कुछ कंपनियों के बोर्ड से निकाले जाने के बाद वाडिया ने रतन टाटा सहित टाटा सन्स के कुछ निदेशकों के खिलाफ आपराधिक मानहानिका मुकदमा दर्ज कराया था।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने दोनों उद्योगपतियों से कहा, आप दोनों समझदार लोग हैं। आप दोनों उद्योग जगत के लीडर हैं। क्यों नहीं आप दोनों मिल-बैठकर इसका निपटारा कर लेते हैं।’ शुरुआत में पीठ इस मामले को निपटारा करने के पक्ष में थी लेकिन वाडिया के वकील ने कहा कि वह इस मामले में अपने मुवक्किल से निर्देश लाना चाहते हैं। इस पर पीठ ने सुनवाई 13 जनवरी तक के लिए टाल दी।
वाडिया के वकील नीरज किशन कौल ने कहा कि वह टाटा समूह के खिलाफ नहीं है। वे उन लोगों के खिलाफ हैं जिन्होंने उन्हें बोर्ड से हटाने का निर्णय लिया था। बाद में इसे मीडिया में लीक कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उन लोगों द्वारा अपने आरोपों को वापस ले लेना चाहिए।