भाजपा के संगम मंथन के बाद कैराना मामले पर अब संघ मंथन करेगा। भाजपा की तरह संघ ने भी कैराना मंथन के लिए गंगा का किनारा चुना है। संघ ने अपने प्रांत प्रचारकों की अहम वार्षिक बैठक का आयोजन 14-15 जुलाई को कानपुर में रखा है।
वैसे तो यह बैठक देशभर में संघ की वास्तविक स्थिति के आकलन के लिए है, मगर यूपी में इसका आयोजन ही भगवा परिवार के सियासी मकसद को बयां कर रहा है। बताया जा रहा है कि बैठक में यूपी चुनाव के लिए विशेष रणनीति बन सकती है। बैठक के एजेंडे में कैराना और मुजफ्फरनगर दंगों और उसके बाद आसपास के इलाकों में उत्पन्न हालातों पर भी मंथन होगा।
सूत्र बताते हैं कि प्रांत प्रचारकों की बैठक से पहले 12-13 जुलाई को संघ के राष्ट्रीय कोर ग्रुप की बैठक होगी। इसमें यूपी चुनाव के लिए संघ अपना रोडमैप तैयार करेगा। यूपी का विधानसभा चुनाव 2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भगवा परिवार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
भगवा रणनीतिकारों की मानें तो देश के सबसे बड़े प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी। 2019 में दिल्ली के लिए पीएम मोदी की राह आसान होगी। इसलिए यूपी विधानसभा का चुनाव केवल भाजपा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे भगवा परिवार के लिए जीवन-मरण का सवाल बन चुका है। बताया जा रहा है कि बैठक में भाग लेने के लिए संघ का शीर्ष नेतृत्व करीब एक सप्ताह तक कानपुर में जमेगा।
Published By Rahul Sankrityayan