इससे पहले बीते रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने अहमदाबाद में एक सभा में तलाक के बढ़ते मामलों को लेकर एक बयान दिया था, जिसकी आलोचना की जा रही है। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि तलाक के ज्यादातर मामले पढ़े-लिखे और संपन्न परिवारों में ही देखने को मिल रहे हैं।
इन दिनों शिक्षा और आर्थिक संपन्नता के साथ लोगों में घमंड भी आ रहा है, जिसके कारण परिवार टूट रहे हैं। लोग छोटी-छोटी बातों पर लड़ने लगे हैं। इससे समाज भी बिखर रहा है, क्योंकि समाज भी एक परिवार है।
सर संघ चालक ने यह भी कहा था कि भारत में हिंदू समाज का कोई विकल्प नहीं है। भागवत ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि स्वयंसेवक अपने परिवारों को संघ में अपनी गतिविधियों के बारे में बताते होंगे, क्योंकि कई बार घर की महिलाओं को हमसे ज्यादा कष्टदायक काम करना पड़ता है, ताकि हम जो कर रहे हैं वह कर सकें।