प्रधानमंत्री मोदी के बाद अब संघ प्रमुख मोहन राव भागवत भी विदेशों में भारतीय संस्कृति का परचम लहराएंगे। जुलाई के अंतिम सप्ताह में संघ प्रमुख इंग्लैंड के एक सप्ताह के दौरे पर हैं। ईयू से अलग होने के मामले में ब्रिटेनवासियों का मत सामने आने के बाद भागवत का यह दौरा अहम हो गया है।
इस दौरे के जरिये भागवत ब्रिटेन और यूरोप में रह रहे भारतीयों को संस्कार, सेवा और संगठन की सीख देंगे। वहां संघ के स्वयंसेवकों को संबोधित करने के अलावा संघ प्रमुख ब्रिटेन की आम जनता को भी संबोधित करेंगे। उन्हें भारत की संस्कृति से अवगत कराने के साथ विश्व की वर्तमान चुनौतियों से निपटने में कारगर भारतीय सोच को सामने रखेंगे।
इंग्लैंड में भागवत का यह पहला दौरा नहीं है। संघ प्रमुख बनने से पहले वे इंग्लैंड और यूरोप के पालक अधिकारी रह चुके हैं।
मगर देश के वर्तमान नेतृत्व में भारत की छटा दुनिया में जिस कदर उभरी है, उसे ध्यान में रखते हुए भागवत का यह दौरा अहम बन गया है। इंग्लैंड में संघ की करीब 100 शाखाएं लगती हैं। बताया जा रहा है कि संस्कृति महाशिविर के जरिये भागवत पूरे यूरोप के स्वयं सेवकों को संस्कार, सेवा और संगठन का पाठ पढ़ाएंगे।
यूरोप के विभिन्न हिस्सों से आए 2200 स्वयंसेवकों के साथ भागवत पूरे तीन दिन तक तंबू में रहेंगे। इनके रहने के लिए 400 विशेष तंबू लगाए गए हैं। हालांकि इन तंबुओं में सभी विशिष्ट सुविधाएं हैं। बावजूद इसके यह संघ की सादगी की मिशाल बनेगा।
इस आशय की पुष्टि करते हुए संघ के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया की पूरे तीन दिन तक भागवत तंबू के अंदर स्वयं सेवकों के साथ रहेंगे। भागवत यहां एक बड़ी सभा को भी संबोधित करेंगे। स्वयंसेवकों का तीन दिवसीय महाशिविर 29 से 31 जुलाई तक चलेगा। इस विशेष आयोजन में पर्यावरण हित को पूरी तरह से ध्यान में रखा गया है। तंबुओं में पूरी तरह रीसाइकिल होने वाली वस्तुओं का उपयोग हुआ है। प्लास्टिक के वस्तुओं से दूरी बरती गई है।
Published By Rahul Sankrityayan