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अनूठा रामभक्त : आंध्र के बुनकर ने सिल्क की 60 मीटर लंबी साड़ी बनाकर 13 भाषाओं में लिखा 'जय श्रीराम'

Thu, 21 Apr 2022 08:11 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नागराजू ने रेशम की इस साड़ी को तैयार करने के साथ उस पर 32,200 बार जय श्रीराम लिखा है। यह साड़ी पांच 196 फीट लंबी और 3.66 फीट चौड़ी है। साड़ी पर रामायण के सुंदरकांड से संबंधित भगवान राम के 168 अलग-अलग चित्र भी बनाए गए हैं। 
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Andhra loomsman weaves 60-metre silk sari with Jai Shri Ram written - फोटो : twitter
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विस्तार
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आंध्र प्रदेश के धर्मावरम के एक बुनकर ने अनूठी राम भक्ति प्रदर्शित की है। बुनकर जुजारू नागराजू ने 60 मीटर लंबी और 44 इंच चौड़ी सिल्क की साड़ी तैयार की है। इस पर उसने 13 भाषाओं ने 'जय श्रीराम' लिखा है।

नागराजू ने रेशम की इस साड़ी को तैयार करने के साथ उस पर 32,200 बार जय श्रीराम लिखा है। देश में लाखों राम भक्त अपने अपने तरीके से प्रभु की उपासना करते हैं। राम नाम स्मरण व राम नाम पुस्तिका के जरिए कई लोग नित्यप्रति ईश्वर का ध्यान करते हैं। ऐसे में नागराजू ने हाथों से यह साड़ी बुनकर राम भक्ति का एक और बिरला उदाहरण पेश किया है।  

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'राम कोटि वस्त्रम' दिया नाम
श्री सत्य सांई जिले के धर्मावरम के रहने वाले हथकरघा बुनकर नागराजू ने इस साड़ी के जरिए अपनी अनूठी रामभक्ति का प्रदर्शन किया है। इस साड़ी को नागराजू ने 'राम कोटि वस्त्रम' नाम दिया है। यह साड़ी पांच 196 फीट लंबी और 3.66 फीट चौड़ी है। नागराजू ने अपने हाथों के कौशल से 13 भाषाओं में इस पर हजारों बार 'जय श्रीराम' लिखा है। साड़ी पर रामायण के सुंदरकांड से संबंधित भगवान राम के 168 अलग-अलग चित्र भी बनाए गए हैं। 

बनाने में लगे चार माह, डेढ़ लाख रुपये खर्च किए
इस दुर्लभ साड़ी को बनाने में नागराजू को चार माह का वक्त लगा और इसमें 16 किलो रेशम का इस्तेमाल हुआ। इसे बनाने में रोज तीन लोगों ने हाथ बंटाया। 

अयोध्या के राम मंदिर को भेंट करेंगे
'राम से बड़ा राम का नाम' की भक्ति को चरितार्थ करते हुए 40 साल के नागराजू ने अपनी निजी बचत के डेढ़ लाख रुपये खर्च किए हैं। वह साड़ी को अयोध्या के राम मंदिर, जिसे वह रामालय कहते हैं, को भेंट करेंगे। 13 भाषाओं में राम नाम लिखकर उन्हें देश की विविधता में एकता का भी संदेश दिया है। 

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