फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Assam: गुवाहाटी में चार वर्षीय बच्चे की हुई दुर्लभ हृदय सर्जरी, छह घंटे चला ऑपरेशन; पूर्वोत्तर का पहला मामला

Tue, 25 Mar 2025 02:18 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

असम में गुवाहाटी के हेल्थसिटी अस्पताल में पिछले सप्ताह चार वर्षीय बच्चे की दुर्लभ हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। इस सर्जरी को 'डबल स्विच ऑपरेशन' कहा जाता है, जो छह घंटे तक चला। डॉक्टरों के अनुसार, यह पूर्वोत्तर भारत की पहली सर्जरी है, जो एक दुर्लभ हृदय दोष को ठीक करने के लिए की गई। 
विज्ञापन
ऑपरेशन करती टीम (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गुवाहाटी में एक चार वर्षीय बच्चे की एक विशेष हृदय सर्जरी की गई, जिसे 'डबल स्विच ऑपरेशन' कहा जाता है। डॉक्टरों ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी। डॉक्टरों के अनुसार, यह सर्जरी पूर्वोत्तर भारत अपनी तरह की पहली सर्जरी है, जो एक दुर्लभ हृदय दोष को ठीक करने के लिए की गई। 

विज्ञापन


यह सर्जरी पिछले सप्ताह हेल्थसिटी अस्पताल में की गई, जो छह घंटे तक चली। यह सर्जरी प्रसिद्ध सर्जन डॉ. केएस अय्यर के मार्गदर्शन में जन्मजात हृदय शल्य चिकित्सक डॉ. नईम राजा द्वारा सफलतापूर्वक की गई। सर्जरी में अस्पताल के बाल चिकित्सा हृदय विशेषज्ञों, एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, बाल चिकित्सा हृदय गहन चिकित्सा विशेषज्ञों, परफ्यूजनिस्ट, नर्सों और तकनीशियनों की टीम ने मदद की। 

ये भी पढ़ें: मासूम की सर्जरी: दाहिने तरफ है दिल, 50 मिनट तक हृदय- फेफड़े को दी कृत्रिम पंपिंग, हुआ दिल का दुर्लभ ऑपरेशन
विज्ञापन


बच्चे को थी जन्मजात समस्या
पीटीआई के हवाले से डॉ. राजा ने इस सर्जरी का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि बच्चे को जन्मजात समस्या थी, जिसमें हृदय की महान धमनियां और कक्ष असामान्य रूप से स्थित थे। बच्चे के होठों और जीभ का रंग नीला था, और वह जल्दी थक जाता था। 

डॉ. राजा ने बताया कि बच्चे की महान धमनियों के प्रत्यारोपण (सीसीटीजीए) का निदान किया गया, जिसमें वेंट्रिकुलर सेप्टल दोष (वीएसडी या हृदय में छेद) और एट्रेटिक पल्मोनरी धमनी (फेफड़ों में महान धमनी की पूर्ण अनुपस्थिति) की उपस्थिति थी।

ये भी पढ़ें: दुर्लभ किस्म की सर्जरी: एम्स, पीजीआई, बंगलूरू के बड़े इंस्टीट्यूट ने लौटाया,कॉर्डियोलॉजी में मिला मरीज को इलाज
विज्ञापन


वाल्व ट्यूब का उपयोग कर फुफ्फुसीय धमनी का किया पुनर्निर्माण
डॉ. राजा ने बताया कि 'डबल स्विच ऑपरेशन' में एक कृत्रिम नलिका (वाल्व ट्यूब) का उपयोग करके फुफ्फुसीय धमनी को फिर से बनाना और एट्रियल स्विच व वीएसडी को बंद करना शामिल है। यह सर्जरी हृदय के सामान्य रक्त प्रवाह को बहाल करने का एकमात्र तरीका था।

सर्जरी के बाद बच्चे में उल्लेखनीय सुधार हुआ
डॉ. राजा ने बताया कि 'डबल स्विच ऑपरेशन' जन्मजात हृदय शल्य चिकित्सा में सबसे जटिल है। बच्चे की सर्जरी लगभग छह घंटे तक चली। सर्जरी के बाद बच्चे में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि बच्चे को कड़ी निगरानी में रखा गया है। इस सफल सर्जरी ने इस क्षेत्र में जटिल हृदय रोगों से पीड़ित बच्चों के लिए नई उम्मीद जगाई है, क्योंकि पहले उन्हें ऐसी सर्जरी के लिए अन्य जगहों पर जाना पड़ता था।

संबंधित वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें