कोविड-19 संक्रमण होने के बाद व्यक्ति में सेरेब्रल वेनस थ्रोम्बोसिस (सीवीटी) खून के थक्के बनने की आशंका सामान्य लोगों के मुकाबले 100 गुना अधिक हो सकती है। वहीं कोविड-19 टीका लेने पर इसकी आशंका 10 गुना तक घट जाती है। यह दावा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने बृहस्पतिवार को सीवीटी के मामलों पर नए शोध में किया।
अध्ययनकर्ताओं ने कोविड-19 संक्रमण के दो हफ्तों में सामने आए सीवीटी के मामलों की तुलना कोविड-19 टीका ले चुके लोगों और सामान्य लोगों के आए मामलों से की। मालूम हुआ कि संक्र्रमित लोगों के समूह में सीवीटी सबसे ज्यादा हैं। यह कोविड-19 का टीका ले चुके लोगों से करीब 10 गुना और सामान्य लोगों में आए मामलाें से 100 गुना अधिक था।
विश्वविद्यालय के न्यूरोबायोलॉजिस्ट पॉल हैरिसन ने कहा कि आज सभी लोग, सरकारें और चिकित्सक कोविड-19 टीके की वजह से सीवीटी को लेकर सशंकित हैं। लेकिन क्या लोगों यह जानने का प्रयास किया कि संक्रमण होने के बाद सीवीटी होने की क्या संभावना है? यही पता लगाने के लिए मौजूदा अध्ययन किया गया।
30 साल से कम उम्र वाले 30 प्रतिशत
यह भी सामने आया कि कोविड-19 संक्रमितों में करीब 30 प्रतिशत सीवीटी के मामले 30 साल से कम उम्र के लोगों में थे। यह बड़ा संकेत है कि युवाओं में टीकाकरण समय रहते बढ़ाने की जरूरत है।
पॉल हैरिसन के अनुसार टीके के फायदे और जोखिम को समझने की जरूरत है। सामने आ रही जानकारियों को बेहद सावधानी से परिभाषित करना होगा। अध्ययन में सामने आया है कि कोविड-19 का संबंध सीवीटी से है, हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए।