फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान आंदोलन : केंद्रीय मंत्री ने बताया पाक-चीन का हाथ, राउत बोले- करो सर्जिकल स्ट्राइक

Thu, 10 Dec 2020 12:25 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
शिवसेना नेता संजय राउत (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
विज्ञापन

केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे किसान आंदोलन में पाकिस्तान व चीन का हाथ बताकर चौतरफा घिर गए हैं। उन्होंने बुधवार को दावा किया था कि तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए चल रहे किसान आंदोलन के पीछे दोनों पड़ोसी देशों का हाथ है। इसे लेकर पहले शिवसेना नेता और राज्यसभा सदस्य  संजय राउत ने और अब महाराष्ट्र के मंत्री बच्चू काडू ने हमला बोला है। राउत ने तो पाकिस्तान व चीन के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की सलाह दे दी।  

विज्ञापन


राउत ने गुरुवार को कहा, 'अगर केंद्रीय मंत्री को यह जानकारी है कि किसानों के आंदोलन के पीछे चीन और पाकिस्तान का हाथ है, तो रक्षा मंत्री को तुरंत चीन और पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक करनी चाहिए। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और सशस्त्र बलों के प्रमुखों को इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा करनी चाहिए।'
 

उनके घर में घुसकर पिटाई करनी होगी: बच्चू काडू
महाराष्ट्र के मंत्री बच्चू काडू ने केंद्रीय मंत्री के बयान पर कहा, 'पिछली बार जब उन्होंने ऐसा बयान दिया था, तो हमने उनके घर का घेराव किया था। अब स्थिति ऐसी है कि हमें उनके घर में घुसना होगा और उनकी पिटाई करनी होगी।'
विज्ञापन


बता दें कि केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र के जालना जिले के बदनापुर तालुका में कोल्टे तकली स्थित एक स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन के समारोह के दौरान आरोप लगाया था कि पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) को लेकर मुसलमानों को गुमराह किया गया, लेकिन ये प्रयास सफल नहीं हुए। अब किसानों को बताया जा रहा है कि नए कृषि कानूनों के कारण उन्हें नुकसान होगा।

दानवे ने कहा था कि जो आंदोलन चल रहा है, वह किसानों का नहीं है। इसके पीछे चीन और पाकिस्तान का हाथ है। इस देश में मुसलमानों को पहले भड़काया गया। (उन्हें) क्या कहा गया? एनआरसी आ रहा है, सीएए आ रहा है और छह माह में मुसलमानों को इस देश को छोड़ना होगा। क्या एक भी मुस्लिम ने देश छोड़ा? वो प्रयास सफल नहीं हुए और अब किसानों को बताया जा रहा है कि उन्हें नुकसान सहना पड़ेगा। यह दूसरे देशों की साजिश है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें