बता दें कि संघ में हर तीन साल बाद जिला संघचालक, विभाग संघचालक, प्रांत संघचालक और क्षेत्र संघचालक के साथ-साथ सरकार्यवाह का चुनाव होता है। हालांकि, आवश्यकतानुसार बीच में भी कुछ पदों पर बदलाव होता रहता है। क्षेत्र प्रचारक और प्रांत प्रचारकों के दायित्व में बदलाव भी प्रतिनिधि सभा की बैठक में होता है। संघ में प्रतिनिधि सभा निर्णय लेने वाला विभाग है।
गौरतलब है कि दत्तात्रेय होसबाले से पहले सुरेश भैयाजी जोशी सरकार्यवाह थे। उन्होंने 2018 के चुनाव में सरकार्यवाह के दायित्व से मुक्त करने का आग्रह किया था, लेकिन उनके नेतृत्व को देखते हुए संघ ने उन्हें दोबारा यह दायित्व सौंप दिया था।
जानकारी के मुताबिक, दत्तात्रेय होसबाले कर्नाटक के रहने वाले हैं। उनका जन्म एक दिसंबर 1954 को हुआ। 1968 में वह कर्नाटक के शिवमोगा जिले में संघ के संपर्क में आए और स्वयंसेवक बन गए। 1978 में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्णकालिक सदस्य बने और 1990 में प्रचारक की जिम्मेदारी संभाली। अंग्रेजी से एमए करने वाले दत्तात्रेय होसबोले विद्यार्थी परिषद में क्षेत्रीय और राष्ट्रीय महामंत्री के साथ-साथ अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी रह चुके हैं। पहले वह संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख रहे और उसके बाद सह सरकार्यवाह का दायित्व संभाला।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी: