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Land Scam Case: IAS छवि रंजन से जुड़े मामले में ईडी को मिले जाली दस्तावेज, कोलकाता से कराई थी फर्जी रजिस्ट्री

सार

आईएएस छवि रंजन ने रांची के उपायुक्त के पद पर रहते हुए कथित तौर पर कोलकाता रजिस्ट्री कार्यालय का इस्तेमाल सेना की जमीन हड़पने के लिए किया था। ईडी ने जमीन घोटाला मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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झारखंड आईएएस छवि रंजन के घर ईडी की छापेमारी - फोटो : Social Media
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विस्तार
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आईएएस अधिकारी छवि रंजन से जुड़े अवैध जमीन हड़पने के मामले में नया खुलासा हुआ है। जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के सामने जमीन से जुड़े दस्तावेजों में चौंकाने वाली जालसाजी सामने आई है। सेना की जमीन हड़पने के लिए कोलकाता रजिस्ट्री कार्यालय का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इस मामले में पकड़े गए सात आरोपियों से अभी ईडी पूछताछ कर रही है। 
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सेना की जमीन हड़पने के लिए कोलकाता रजिस्ट्री कार्यालय का किया गया इस्तेमाल 
सूत्रों के मुताबिक आईएएस छवि रंजन ने रांची के उपायुक्त के पद पर रहते हुए कथित तौर पर कोलकाता रजिस्ट्री कार्यालय का इस्तेमाल सेना की जमीन हड़पने के लिए किया था। ईडी ने जमीन घोटाला मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए प्रदीप बागची ने  4.55 एकड़ जमीन का असली मालिक होने का दावा किया था। उन्होंने यह दिखाने के लिए दस्तावेज भी पेश किए कि 1932 में उनके परिवार ने जमीन खरीदी थी और रजिस्ट्री कोलकाता भूमि रजिस्ट्री कार्यालय में की गई थी।

राज्य और जिले तक बदले गए
दिलचस्प बात यह है कि दस्तावेजों में राज्य का उल्लेख पश्चिम बंगाल के रूप में किया गया है, जबकि 1932 में यह सिर्फ बंगाल प्रांत (एकीकृत बंगाल) था। 1947 में इसका नाम बदलकर पश्चिम बंगाल कर दिया गया। इसी प्रकार दस्तावेज में कई स्थानों पर गवाहों, विक्रेता और खरीददार के पते के साथ पोस्टल इंडेक्स नंबर कोड(पिन) का उल्लेख किया गया, जबकि पिन कोड की  शुरूआत 1972 में की गई। यहां तक की भोजपुर जिले को विक्रय का पैतृक जिला बताया गया है, जबकि भोजपुर 1972 में अस्तित्व में आया।
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भूमि रजिस्टरों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा 
जांच के दौरान ईडी ने ऐसे सभी दस्तावेजों के साथ-साथ कोलकाता रजिस्ट्रार कार्यालय के भूमि रजिस्टरों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा था। जांच की रिपोर्ट दो से तीन दिन में आने की उम्मीद है। ईडी के मुताबिक, पूरे नेक्सस ने फर्जी दस्तावेज बनाकर काफी जमीन बेची है। यहां तक कि असली मालिक भी इस बात से अनजान हैं कि उनकी जमीनें बिक चुकी हैं। 

ईडी ने सात किए गिरफ्तार
जमीन हड़पने के मामले में सात को गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों की माने तो गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अफशर अली, इम्तियाज अहमद, प्रदीप बागची, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, तल्हा खान, भानु प्रताप प्रसाद और फैयाज खान के रूप में की गई है। ईडी की टीम ने झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी के तीनों राज्यों के 22 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की थी। 
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