आरएसएस ने शताब्दी वर्ष में कई बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। इसमें मोहन भागवत के द्वारा दिल्ली सहित देश के चार प्रमुख शहरों (मुंबई, कोलकाता और चेन्नई) में मुख्य कार्यक्रमों में लोगों को संबोधित किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) इस साल 2025 में अपना जन्म शताब्दी वर्ष मना रहा है। जन्म शताब्दी वर्ष पर होने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला विजयादशमी (2 अक्तूबर) पर नागपुर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के साथ होगी। इस सबसे प्रमुख कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि होंगे। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इस अवसर पर स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे।
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आरएसएस ने शताब्दी वर्ष में कई बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। इसमें मोहन भागवत के द्वारा दिल्ली सहित देश के चार प्रमुख शहरों (मुंबई, कोलकाता और चेन्नई) में मुख्य कार्यक्रमों में लोगों को संबोधित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में संबंधित क्षेत्रों की विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां मौजूद होंगी। मोहन भागवत इन कार्यक्रमों में लोगों को संघ की अब तक की उपलब्धियां और भविष्य में अपनी योजनाओं के बारे में चर्चा करेंगे। इससे संघ के विषय में लोगों की धारणा स्पष्ट हो सकेगी।
संघ ने समाज से जातिवाद दूर करने और कुटुंब प्रबोधन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को अपने परिवार औऱ समाज से जुड़ने को अपना प्रमुख लक्ष्य बनाया है। शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में संघ के कार्यकर्ता सेवा बस्तियों में जाकर उनसे संपर्क करेंगे और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने का प्रयास करेंगे।
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हाल ही में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आनुषंगिक संगठनों के सहयोगियों के साथ मिलकर दुनिया की नई परिस्थितियों पर विचार किया है। इसमें भारत को आर्थिक तौर पर समृद्ध करने के उपायों पर चर्चा की गई है। अमेरिका, चीन, रूस और यूक्रेन जैसे देशों के आंतरिक संबंधों का भारत पर पड़ रहे असर और उससे निपटने की नीति पर भी विचार किया गया है।