केंद्र सरकार के नोटबंदी का असर भले ही बाजार पर पड़ा हो लेकिन अधिगृहीत परिसर में विराजमान रामलला की आमदनी लगभग दोगुनी हो गई है। रामलला के दानपात्र में बंद हो चुके हजार व पांच सौ रुपये के नोटों की संख्या ज्यादा पाई गई है।
मालूम हो कि विवादित परिसर में विराजमान रामलला का आम श्रद्धालुओं को दर्शन दो पालियों में होता है। सुबह और शाम की पाली में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने पहुंचते हैं। पांच नवंबर को रामलला के दानपात्र में हुई गिनती में दो लाख 74 हजार 435 रुपये चढ़ावे के रूप में आए थे। 20 नवंबर को रामलला के दान पात्र में गिनती की गई तो यह रकम चार लाख 14 हजार 670 रुपये चढ़ावा पाया गया।
रामलला के प्रधान अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि चढ़ावे के रूप में एकत्र हुई आमदनी की गिनती प्रत्येक माह के पांच और 20 तारीख को होती है। पांच नवंबर की गिनती में रामलला के दान पात्र में 2 लाख 74 हजार 435 रुपये आए थे जबकि 20 नवंबर की हुई गिनती में 4 लाख 14 हजार 670 रुपये आए हैं।