मुख्यमंत्री विजयन का आरोप- भाजपा के शासन में सुरक्षित नहीं महिलाएं और अल्पसंख्यक
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने आरोप लगाया कि देश में भाजपा के शासन में महिलाएं और कुछ धार्मिक अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है। उन्होंने संघ परिवार पर समाज में पितृसत्तात्मक और पुरुष प्रधान मानसिकता फैलाने का आरोप लगाया।
अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ (एआईडीडब्ल्यूए) के 13वें राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन दिवस पर यहां एक रैली में विजयन ने आरोप लगाया कि देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक संस्थानों, पूजा स्थलों और कुछ धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमला किया जा रहा है। संघ परिवार के कार्यकर्ता और केंद्र इस पर आंखें मूंदे बैठे हैं।
उन्होंने भाजपा शासित केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह कुछ धार्मिक अल्पसंख्यकों का भय पैदा कर रही है। उसी का एक उदाहर संशोधित नागरिकता अधिनियम है, जिसकी घोषणा केंद्र ने की थी। उन्होंने आगे आरोप लगाया, कुछ धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति आरएसएस और उसके दिवंगत नेता एम.एस.गोलवकर का रुख दूसरे विश्व युद्ध के दौरान यहूदियों के खिलाफ नाजी-शासक हिटल के दृष्टिकोण के समान था।
विजयन ने दावा किया कि संघर परिवार और केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा का महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण इस बात से स्पष्ट था कि बिलकिस बानो और कठुआ दुष्कर्म मामले में आरोपियों के साथ उसने कैसा व्यवहार किया। उन्होंने तर्क दिया, उनके आचरण से पता चलता है कि इस तरह के कार्यों के बिना महिलाओं के साथ कुछ भी किया जा सकता है। यह पितृसत्तात्मक और पुरुष प्रधान समाज वाली मानसिकता को भी इंगित करता है।