कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथला ने केरल में पिनराई विजयन सरकार पर एंटी-इंकंबेंसी का दावा किया और सीएम के आत्मविश्वास को ‘फर्जी’ बताया। जानिए चुनावी समीकरण...
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने शनिवार को केरल की लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री पिनाराई विजय के सत्ता में वापसी के दावे को फर्जी आत्मविश्वास करार देते हुए कहा कि राज्य में सरकार के खिलाफ मजबूत एंटी-इंकंबेंसी है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चेन्निथला ने दावा किया कि राज्य में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के पक्ष में स्पष्ट राजनीतिक माहौल बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाला है। उनके मुताबिक, बिजली दरों में चार बार वृद्धि हुई, बस किराए पांच बार बढ़ाए गए, जबकि पानी के शुल्क और जमीन रजिस्ट्रेशन की लागत भी बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से आम लोगों पर सीधा असर पड़ा है।
100 सीटों का लक्ष्य, यूडीएफ को भरोसा
चेन्निथला ने कहा कि यूडीएफ इस बार विधानसभा चुनाव में 100 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है और सभी सहयोगी दल मिलकर इसे हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा और सीपीआई(एम) पर मिलीभगत का आरोप
कांग्रेस नेता ने भारतीय जनता पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के बीच "गुप्त समझौते" का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि 2021 से दोनों दलों के बीच तालमेल बढ़ा है, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विजयन के राजनीतिक हित एक-दूसरे से मेल खाते हैं, एक "कांग्रेस मुक्त भारत" चाहता है, तो दूसरा सत्ता में बने रहना।
चुनावी रणनीति पर भी सवाल
चेन्निथला ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव 2024 के बाद मुख्यमंत्री ने अपनी चुनावी रणनीति बदली है। पहले नागरिकता संशोधन कानून (CAA) जैसे मुद्दों को उठाया गया, लेकिन असर न होने पर अब धार्मिक और बहुसंख्यक मुद्दों पर ध्यान दिया जा रहा है।
700 करोड़ के घोटाले का आरोप
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केरल में प्राइमरी कोऑपरेटिव सोसाइटी के लिए सॉफ्टवेयर खरीद में 700 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। चेन्निथला ने कहा कि अगर यूडीएफ सत्ता में आती है, तो इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।