बाबा रामदेव की पतंजलि योग पीठ हरिद्वार से बना आटा नूडल्स का नमूना बनारस की लैब में कराए गए परीक्षण में फेल पाया गया है। खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बरेली के नरकुलागंज से बाबा रामदेव की आटा नूडल्स (मैगी) के तीन नमूने लिए थे। परीक्षण में मैगी का टेस्ट मेकर निर्धारित मात्रा से दोगुने से भी अधिक पाया गया है।
एफएसडीए की ओर से पतंजलि योग पीठ हरिद्वार और नरकुलागंज के डीलर को नोटिस देकर 15 दिन में जवाब मांगा गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जनवरी में प्रेमनगर के नरकुलागंज से पतंजलि योग पीठ हरिद्वार से निर्मित आटा नूडल्स मैगी के तीन अलग-अलग नमूने लेकर उनको बनारस प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा था।
लैब से आई रिपोर्ट में बाबा रामदेव की मैगी का टेस्ट मेकर (कैमिकल) निर्धारित सामान्य मात्रा एक प्रतिशत के स्थान पर 2.15 प्रतिशत पाया गया। प्रयोगशाला से बाबा रामदेव की मैगी को अधोमानक और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताते हुए कहा गया कि ये आटा नूडल्स बच्चों, और बुजुर्गों समेत सामान्य व्यक्ति को नूडल्स खाने का आदी बना देती है।
गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक है आटा नूडल्स
बेहद खतरनाक है आटा नूडल्स
ज्यादा टेस्ट मेकर के नूडल्स खाने से बच्चों के लीवर, किडनी, पाचनतंत्र और हार्ट पर बुरा असर पड़ता है। इस मामले में पंतजलि पीठ और उसके डीलर को नोटिस देकर निर्धारित समय सीमा के अंदर जवाब देने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि बाबा रामदेव ने अपने आटा नूडल्स तब मार्केट में उतारे थे, जब एक विदेशी कंपनी की मैगी के नमूने फेल पाए गए थे।
हृदय रोग विशेष डा. एके चौहान के मुताबिक जिस आटा नूडल्स में निर्धारित मात्रा से ज्यादा टेस्ट मेकर होता है, वह आंतों को कमजोर करने के अलावा पाचन शक्ति को भी कमजोर करता है। इसका असर धीरे-धीरे लीवर, किडनी और हार्ट पर पड़ता है।
अगर गर्भवती महिलाएं और 17 साल से कम उम्र के बच्चे ये नूडल्स खाते हें तो उनकी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के अलावा 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों के लिए भी ये नूडल्स बेहद हानिकारक हैं।