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सुषमा, सुमित्रा को पीछे छोड़ कोविंद बन गए राष्ट्रपति पद के लिए पीएम की पसंद

Mon, 19 Jun 2017 04:13 PM IST
अमर उजाला/ संजय मिश्र/ नई दिल्ली
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पीएम नरेंद्र मोदी, रामनाथ कोविंद, नीतिश कुमार
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राष्ट्रपति उम्मीदवार के चयन में भी पीएम मोदी ने सबको छकाते हुए हैरान करने वाला नाम पेश किया है। राजग की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाए गए रामनाथ कोविंद पीएम मोदी की पसंद बताए जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि संसदीय बोर्ड की बैठक में वैसे तो तमाम नामों पर जिक्र हुआ। लेकिन पीएम मोदी की ओर से कोविंद के नाम का प्रस्ताव आया। जिसे संसदीय बोर्ड ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद कोविंद के नाम का एलान करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि बैठक में 8 से 10 नामों पर चर्चा हुई। लेकिन पार्टी ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया है। कोविंद राजग के राष्ट्रपति उम्मीदवार हैं। बताया जा रहा है कि कोविंद के नाम का सुझाव खुद पीएम मोदी की ओर से आया। उनका नामांकन 23 जून को होगा। 
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नामी चेहरों को धूल चटाकर कोविंद बने उम्मीदवार 
भाजपा के नामी-गिरामी चेहरों को धूलचटाकर कोविंद राजग के राष्ट्रपति उम्मीदवार बने हैं। इस पद के लिए डॉ मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वराज, सुमित्रा महाजन, थावरचंद गहलोत और द्रोपदी मुर्मू के नाम चर्चा में रहे। मगर भाजपा ने सहज एवं सादगी व्यक्तित्व के धनी रामनाथ कोविंद को देश का अगला राष्ट्रपति बनाने का निर्णय लिया है। इस दांव को भाजपा के सभी बड़े चेहरों के लिए झटका माना जा रहा है। भाजपाई राजनीति में कोविंद कोई बड़ा चेहरा नहीं रहे। मगर दलित मतों को ध्यान में रखते हुए बिहार विधानसभा चुनावों से कुछ माह पहले उन्हें सूबे का राज्यपाल बनाया गया था। पार्टी में वे राज्यसभा सदस्य, अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्त्ता रह चुके हैं।
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दलित वोट बना कोविंद के निर्णय में आधार 

रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : thefirstmail.com
राष्ट्रपति उम्मीदवार के चयन में भाजपा ने भावी राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए कोविंद को राजग का उम्मीदवार बनाया है। दलित बिरादरी को साधने की कवायद में पूरे भगवा परिवार की ओर से समरसता अभियान चलाया जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए तय माना जा रहा था कि राष्ट्रपति अथवा उपराष्ट्रपति सरीखे प्रमुख पद में से एक पद पर भाजपा किसी दलित चेहरे को बैठाएगी। संविधान के सबसे बड़े पद पर कोविंद को बैठाने का निर्णय लेकर भाजपा ने दलित बिरादरी को संदेश देने का प्रयास किया है। देश में लंबे समय तक राज करने की कवायद में भाजपा की नजर दलित बिरादरी पर है। इसीलिए पार्टी ने यूपी के कानपुर देहात से रहने वाले कोविंद को उम्मीदवार बनाकर दलित को लुभाने की कोशिश की है।
 
यूपी का बढ़ा दबदबा, पीएम के बाद अब राष्ट्रपति भी यूपी से
लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा के खाते में 71 सीटें देने का लाभ यूपी को लगातार मिल रहा है। पीएम मोदी के बाद अब देश का अगला राष्ट्रपति भी यूपी से होगा। इसके अलावा गृहमंत्री से लेकर मोदी सरकार में करीब एक दर्जन मंत्री यूपी से हैं। भारतीय राजनीति में यूपी का दबदबा बढ़ता ही जा रहा है। सियासी ​गलियारे में रामनाथ कोविंद का कद बेशक हल्का हो लेकिन भाजपा और राजग की संख्या गणित के मद्देनजर उनकी जीत पक्की मानी जा रही है। 
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