जब तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान आजम खान अपनी बात रख रहे थे। उस दौरान स्पीकर की चेयर पर बैठीं भाजपा सांसद रमा देवी ने कहा कि वह उनकी ओर देख कर अपनी बात कहें। इस पर आजम ने आपत्तिजनक टिप्पणी कर डाली। आजम के इस बयान पर स्पीकर रमा देवी ने भी आपत्ति जताई और भाजपा सांसदों ने भी। इसके बाद ओम बिड़ला वापस कुर्सी पर बैठे।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आजम को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए तो आजम ने पलटवार करते हुए कहा कि रमा देवी उनकी बहन जैसी हैं माफी किस बात की। इस पर भाजपा सांसदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
आजम के बचाव में उतरे अखिलेश
सपा अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव अपने सांसद आजम खान के बचाव में उतरे। अखिलेश ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि आजम खान ने कुछ आपत्तिजनक कहा। चेयर (आसन) के बारे में बात नहीं की गई है। अखिलेश यहीं नहीं रुके, उन्होंने भाजपा सांसदों को 'बदतमीज' कहते हुए पूछा कि भाजपा सांसद उंगली उठाने वाले कौन होते हैं।
गलत कहा हो तो इस्तीफा दे दूंगा : आजम
आजम खान ने कहा कि वह तो मेरी बहन जैसी हैं। मैंने आज तक किसी से अभद्र लहजे में बात नहीं की है। सदन में बैठी किसी भी महिला से मैंने अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया हो तो मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि मेरा लंबा संसदीय अनुभव रहा है, ऐसे अपमानित होकर बोलने से कोई फायदा नहीं है। इतना कह कर वह सदन छोड़ कर चले गए। हालांकि भाजपा सांसदों उनके जाने के बाद भी हंगामा करते रहे।