लगातार राजद और विपक्ष से नजदीकियां बढ़ाने का संकेत देकर भाजपा पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे रालोसपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा का दांव फेल होता दिख रहा है। बीते एक हफ्ते से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया है। उनकी पार्टी में बगावत (दोनों विधायकों और एक सांसद की जदयू से बढ़ती नजदीकी) के बाद भाजपा नेतृत्व उन्हें भाव नहीं देना चाहता है।
भाजपा नेतृत्व ने बिहार के सीट बंटवारे के फार्मूले में भी रालोसपा को जगह नहीं दी है। ऐसे में पासवान से भी समर्थन नहीं मिलने पर अलग-थलग पड़ गए कुशवाहा ने शनिवार को सियासी रुख तय करने के लिए पार्टी कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए राजनीतिक हलकों में कयास है कि कुशवाहा एनडीए छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं।