लोक जनशक्ति पार्टी के नेताओं का कहना है कि हमने कुछ नहीं खोया, बल्कि तीन-चार दिन तक चले दबाव के दौर में लोजपा ने अपनी बात मनवाई है। भाजपा राम विलास पासवान को राज्यसभा में भेजने पर राजी हो गई है। संजय सर्राफ का कहना है कि इन तीन चार दिनों में राम विलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान की अलग इमेज बनी है। चिराग भाजपा से अपनी बात मनवाने में सफल रहे और इसका संदेश पूरे देश में गया है।
संजय का कहना है कि लोकसभा में 2014 में हमारे छह सांसद जीतकर आए थे। हमारी यह स्थिति बनी है। पांच बिहार की और एक उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीट पर लोजपा के उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। एक सीट लोजपा को राज्य सभा की मिल रही है। लोजपा नेताओं का कहना है कि फिलहाल अभी हम एनडीए का हिस्सा हैं, लेकिन आने वाले समय के बारे में कुछ नहीं कह सकते।